गौरा को किसी से शिकायत नहीं थी
गाँव में सब उसे जानते थे. कोई उस के पास सब्जी लेने आता तो वह रास्ते भर की खबर भी पूछ लेती. किसी के घ... Read more

गाँव में सब उसे जानते थे. कोई उस के पास सब्जी लेने आता तो वह रास्ते भर की खबर भी पूछ लेती. किसी के घ... Read more
गाँव में सब उसे जानते थे. कोई उस के पास सब्जी लेने आता तो वह रास्ते भर की खबर भी पूछ लेती. किसी के घ... Read more
सुन्दर चन्द ठाकुर कवि, पत्रकार, सम्पादक और उपन्यासकार सुन्दर चन्द ठाकुर सम्प्रति नवभारत टाइम्स के मु... Read more
औरत -रमाशंकर यादव ‘विद्रोही’ कुछ औरतों ने अपनी इच्छा से कूदकर जान दी थीऐसा पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज... Read more
डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है – “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र ह... Read more
(पिछली क़िस्त: माफ़ करना हे पिता – 3) उन्हीं दिनों कभी मैंने पिता से पूछा कि क्या इंदिरा गांधी त... Read more
गाँव में सब उसे जानते थे. कोई उस के पास सब्जी लेने आता तो वह रास्ते भर की खबर भी पूछ लेती. किसी के घ... Read more
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