दुनिया में शांतिपूर्ण आंदोलनों का संक्षिप्त इतिहास
मानव इतिहास में सत्ता के विरुद्ध विरोध उतना ही पुराना है जितना संगठित शासन. प्रारंभिक सभ्यताओं में विरोध का स्वरूप आज की तरह रैलियों और धरनों का नहीं था. लोग शासकों के सामने सामूहिक याचिकाएँ... Read more
200 साल पहले कैसा था उत्तराखंड
‘ट्रैवल्स इन द हिमालयन प्रोविन्सेज़ ऑफ़ हिंदुस्तान एंड द पंजाब’ उन्नीसवीं शताब्दी के आरंभिक हिमालयी समाज, भूगोल और राजनीति को समझने का एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक ग्रंथ है. इसके लेखक विलियम मूरक्... Read more
अल्मोड़ा गजेटियर किताब के अनुसार, कुमाऊँ के एक नये राजा के शासनारंभ के समय सबसे पहला कार्य बालेश्वर में महादेव की उपासना को पुनः स्थापित करना था. लेकिन स्थितियाँ जल्द ही बदल गईं. राजा के गद्द... Read more
उत्तराखंड के देहरादून ज़िले में यमुना और टोंस नदियों के संगम के समीप स्थित कालसी वह स्थान है जहाँ भारत के प्राचीन इतिहास की सबसे संवेदनशील आवाज़ पत्थर पर अंकित है. इस चट्टान पर उत्कीर्ण सम्र... Read more
आपने अल्मोड़ा से आगे पिथौरागढ़ जाते हुए लखु उडियार का नाम तो सुना ही होगा, या शायद उस जगह से गुज़रे भी होंगे जहाँ सड़क के किनारे “संरक्षित स्मारक – लखु उडियार रॉक शेल्टर” लिखा है. इसे भारत स... Read more
पिथौरागढ़ का प्राचीन इतिहास
आज हम जिस शांत और सुरम्य पिथौरागढ़ जिले को देखते हैं, उसका इतिहास सदियों पुराना और बेहद रोमांचक रहा है. कत्यूरी राजाओं के वैभव से लेकर अस्कोट के पाल राजाओं और सिरा के मल्ल राजाओं के संघर्षों... Read more
चंद राजाओं का शासन : कुमाऊँ की अनोखी व्यवस्था
चंद राजाओं के समय कुमाऊँ का शासन बहुत व्यवस्थित माना जाता है. हर गाँव में एक पधान होता था, जिसके नीचे एक कोटाल काम करता था. कोटाल को पधान चुनता या हटा सकता था. यह पधान का सहायक था और लिखने क... Read more
(1906 में छपी सी. डब्लू. मरफ़ी की किताब ‘अ गाइड टू नैनीताल एंड कुमाऊं’ में आज से कोई 120 बरस पहले के कुमाऊं-गढ़वाल के बारे में बहुत दिलचस्प विवरण पढ़ने को मिलते हैं. प्रस्तुत है इस किताब से... Read more
(1906 में छपी सी. डब्लू. मरफ़ी की किताब ‘अ गाइड टू नैनीताल एंड कुमाऊं’ में आज से कोई 120 बरस पहले के कुमाऊं-गढ़वाल के बारे में बहुत दिलचस्प विवरण पढ़ने को मिलते हैं. प्रस्तुत है इस किताब से... Read more
रूद्रपुर नगर का इतिहास
रूद्रपुर, उत्तराखंड का एक प्रमुख शहर, अपनी सांस्कृतिक विविधता और ऐतिहासिक परिवर्तनों के लिए प्रसिद्ध है. उधम सिंह नगर जिले का यह मुख्यालय समय के साथ विकसित होता रहा है और हर युग में नई पहचान... Read more


























