अलमोड़े में नंदादेवी मेले की ताज़ा तस्वीरें
आस्था और विश्वास की प्रतीक श्री नंदा देवी की भक्ति में इन दिनों पूरा उत्तराखंड रमा है, अल्मोड़ा भी इस भक्ति में सराबोर है. अल्मोड़ा का ऐतिहासिक नंदा देवी का मेला आज भी उत्तराखंड की सांस्कृति... Read more
अहा! कैसा होता था नंदादेवी कौतिक
उत्तराखण्ड के पहाड़ों में मेले केवल मनोरंजन के अवसर नहीं रहे हैं. वे लोकजीवन की धड़कन, सामाजिक मेल-मिलाप, व्यापार, लोककला, आस्था और सामुदायिक उल्लास के जीवंत केन्द्र रहे... Read more
सागर से शिखर तक : स्वामी मन्मथन
पिछली कड़ी : बद्रीदत्त पांडे और इंद्र सिंह नयाल ने रखा था ‘उत्तराखंड राज्य की संकल्पना’ का वैचारिक आधार गढ़वाल में सामाजिक सुधार व चेतना जाग्रत करने में स्वामी मन्मथन का योगदान नवोत्थान के स... Read more
1970 के दशक का उत्तराखण्ड का ‘चिपको आंदोलन’ विश्वविख्यात है. यह तथ्य भी कमोबेश ज्ञात है कि इस आंदोलन के पीछे मुख्य रूप से महिलाएं थीं. कुमाऊं में 1984 में छिड़ा ‘नशा नहीं,... Read more
कामिनी तुम कौन?
पानी बरस रहा है. जब भी पानी बरसता है, देखता हूं पेड़-पौधे बहुत खुश हो जाते हैं. बरामदे की ओर निकला तो अचानक एक मोहक, सम्मोहक सुगंध ने मन मोह लिया. देखा, गमले में अपने श्वेत फू... Read more
पूर्वी नयार नदी की वो बाढ़
राजेसिंह का कहना है कि ‘‘मरोड़ा गांव से लदोली घाट तक का रास्ता उतार-चढ़ाव का न होकर सीधा-सादा है। खतरा यह है कि शाम को जंगली जानवरों का गाड़-गधेरों की ओर आना-जाना ज्यादा रहता है। इसलिए,... Read more
कुमाऊँ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल भगवान कृष्ण के जन्म का धार्मिक पर्व नहीं रही है, बल्कि यह लोकजीवन, धार्मिक आस्था और पर्वतीय चित्रकला के अद्भुत समन्वय का अवसर भी रही है. भाद्रपद मास में... Read more
बद्रीदत्त पांडे और इंद्र सिंह नयाल ने रखा था ‘उत्तराखंड राज्य की संकल्पना’ का वैचारिक आधार
पिछली कड़ी : पहले समाज बदलो, राज्य अपने आप सार्थक हो जाएगा : इंद्र सिंह नयाल इन्द्र सिंह नयाल ने क्षेत्रीय अस्मिता के आधार से पृथक पहाड़ी राज्य की अवधारणा रखी तथा सांस्कृतिक-भौगोलिक विशिष्टत... Read more
पूरी तरह आंचलिक परिवेश में तैयार, “टुकड़ा टुकड़ा जिंदगी” वरिष्ठ इतिहासकार डॉ निर्मल जोशी की नव प्रकाशित कृति है. यह सृजन पाठकों को “अब कहानी में आगे क्या होगा?”, के मोहपाश में बा... Read more
ये सितंबर 1994 की सुबह थी जब खटीमा में पूर्व सैनिकों का जुलूस निकल रहा था. पूर्व सैनिकों का ये जुलूस अस्सी बरस के आनरेरी कैप्टन करम चंद्र के नेतृत्व में था. पूर्व सैनिकों का ये जुल... Read more


























