उत्तराखण्ड में वन्य-जीवों का आतंक
10 मार्च 2026 को ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखण्ड के वन मंत्री ने विधानसभा में जानकारी दी कि 2000 से जनवरी 2026 तक प्र... Read more
पहाड़ो में भूस्खलन
उत्तराखण्ड का अधिकांश भूभाग हिमालय की पर्वतीय श्रृंखलाओं में स्थित है, जहाँ तीव्र ढाल, गहरी नदी घाटियाँ, युवा भूगर्भीय संरचना तथा सक्रिय विवर्तनिक प्रक्रियाएँ प्राकृतिक रूप से... Read more
हरेला: प्रकृति, परंपरा और विज्ञान का अद्भुत संगम
हर साल पर्यावरण संरक्षण के नाम पर लाखों पौधे लगाए जाते हैं. तस्वीरें खिंचती हैं, अभियान चलते हैं और कुछ दिनों तक इसकी खूब चर्चा भी होती है. लेकिन कुछ महीनों बाद अगर उन्हीं जगहों पर जाकर... Read more
उत्तराखण्ड की पर्वतीय संस्कृति में प्रकृति और मनुष्य के बीच गहरा और आत्मीय संबंध दिखाई देता है. यहां का लोकजीवन सदियों से स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित रहा है. इन्हीं संसाधनों में रिं... Read more
मानव और प्रकृति का संबंध अत्यंत प्राचीन, गहरा और अविभाज्य है. प्रकृति तथा वायुमंडल से मिलकर बने पर्यावरण के विभिन्न तत्व—जैसे जल, वायु, मिट्टी, वनस्पति, खनिज और जीव-... Read more
दूधातोली की मुरलीकोठा चोटी (3000 मीटर) के चारों ओर के परिदृश्य को समझाते हुए कुलदीप ने पूरे रोमांच के साथ नरेन्द्र सिंह नेगी का यह गीत गाया. इस पद-यात्रा में नयार की मातृ धाराओं के प्रवाह के... Read more
भारतीय परम्परा और धरती मां
हमारी भारतीय परंपरा में धरती को हमेशा से ही मां कह कर पुकारा गया है. ‘माता भूमिः पुत्रो ऽहम् पृथिव्याः’ यानी धरती मेरी मां और मैं उसका पुत्र हूं. भारतीय साहित्य व लोक मान्यताओं में... Read more
आधी सदी से आंदोलनरत उत्तराखंड का सबसे बड़ा गांव
बात उन दिनों की है, जब महात्मा गांधी जब देश भर में घूमकर और लिखकर ‘ग्राम स्वराज’ का महत्व लोगों को बता रहे थे. ऐसा राज जो स्वशासन, सहभागिता और अधिकारों पर आधारित था. यह 1930 का दशक था. ठीक इ... Read more
दुनिया के अनेक लोक कथाओं में ऐसा जिक्र तो आता है कि धरती जीवित है, वह सांस लेती है, महसूस करती है और कभी कभी अपने भीतर की आवाज भी सुनाती है. भारत में भी धरती को माँ कहा जाता है. हम उसे धरती... Read more
एक ही समय में धराली और स्विट्ज़रलैंड में हिमस्खलन या भूस्खलन की घटनाएं हुईं, लेकिन परिणाम बिल्कुल अलग रहे. उत्तराखंड के धराली क्षेत्र में आई आपदा ने भारी नुकसान पहुंचाया, लोगों को जान और संप... Read more


























