Related Articles

2 Comments

  1. रमेश चन्द्र शर्मा भट्ट

    जननी जन्मभूमि स्वर्ग के समान, मेरा भी केवल जन्म हुआ था मनकोट ननिहाल में, सालों में जब भी जाता हूँ तो दहली को नमन करता हूं। वही पुराना पहाड़ी घर मुझे आधुनिक से अच्छा लगता है।

  2. फीनिक्स

    यहीं मैंने सीखा कि हार केवल एक पड़ाव है और जीत एक सपना — क्या लेखक को पूरा भरोसा है कि वे जीवन का जो यह सिद्धांत वाक्य के रूप में ढाल कर उसे मुद्रित करके, ऑनलाइन इसका प्रचार एवं प्रसार कर रहे हैं, वह चट्टान सदृश दृढ़ है? प्रश्न इसलिए कर रहा हूँ क्योंकि बहुत से भोले पाठकों को, क्योंकि यह ऑनलाइन मुद्रित हो चुका है, एक आप्त वाक्य ही लगेगा और वह इसे जीवन के बड़े सत्यों में से एक मान लेंगे। मुद्रण की माया ही ऐसी है 😄। इस सिद्धांत को प्रकाशित करने से पहले अपने आप को गहरे से जानना (यानि, आचार्य प्रशांत को पढ़ना व सुनना) अत्यंत आवश्यक है। एक बार यह हो गया तो ऐसे सिद्धांतों और मान्यताओं को पढ़ते ही आप इस तरह के प्रश्न तुरंत ही खुद करने लगेंगे। आपको या किसी और को ठेस पहुंचाने का मेरा उद्देश्य नहीं था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

2024©Kafal Tree. All rights reserved.
Developed by Kafal Tree Foundation