गौरा को किसी से शिकायत नहीं थी
गाँव में सब उसे जानते थे. कोई उस के पास सब्जी लेने आता तो वह रास्ते भर की खबर भी पूछ लेती. किसी के घर बच्चा बीमार हो तो सब से पहले हाल-चाल लेने पहुँच जाती. किसी की बेटी मायके आती तो उसके लिए... Read more
देवदार या देव दारु
देवदार या देव दारुः देवों के वृक्ष मुख्य रूप से हिमालय मे लगभग डेढ़ हज़ार मीटर या अधिक ऊँचे स्थानों पर ही पाये जाते हैं. अपनी विशालता और उदारता को समेटे हुए इन विराट वृक्षों की जड़ें बहुत गह... Read more
“कसारदेवी या अल्मोड़ा जैसी छोटी सी जगह में ऐसा क्या है जो दुनियाभर से लोगों को आकर्षित करता है?” यह सवाल अक्सर पूछा जाता है. दो-तीन साल पहले अल्मोड़ा में स्थित रामकृष्ण कुटीर के अध्यक्... Read more
पूरी तरह आंचलिक परिवेश में तैयार, “टुकड़ा टुकड़ा जिंदगी” वरिष्ठ इतिहासकार डॉ निर्मल जोशी की नव प्रकाशित कृति है. यह सृजन पाठकों को “अब कहानी में आगे क्या होगा?”, के मोहपाश में बा... Read more
सिंधुजा की कविता : स्मृति यात्रा
दुनिया बड़ी तेजी से बदल रही है. (Smriti Yatra Poem by Sindhuja) शायद हर पीढ़ी, नई पीढ़ी से यही कहती है. हमारे जमाने के रिवाज, फ़िल्में, पहनावा वगैरह-वगैरह. पर सचमुच पहाड़ों में एक ठहराव अभी... Read more
मेरी यादों का पहाड़ : एक बहुआयामी किताब
2013 सन् में नेशनल बुक ट्रस्ट ने देवेन्द्र मेवाड़ी की किताब ‘मेरी यादों का पहाड़’ छापकर सराहनीय कार्य किया है. 140 रुपये मुनासिब दामों की यह किताब मेवाड़ी ने खुद के बचप... Read more
बचपन की यादों को जीवंत करती किताब
‘आ, यहां आ. अपनी ईजा (मां) से आखिरी बार मिल ले. मुझसे बचन ले गई, देबी जब तक पढ़ना चाहेगा, पढ़ाते रहना.’ उन्होंने किनारे से कफन हटाकर मेरा हाथ भीतर डाला और बोले ‘अपनी... Read more
बीमारी का बहम और इकदँडेश्वर महाराज का ज्ञान
संसार मिथ्या और जीवन भ्रम है, मनुष्य का मानना है वह जीवों में श्रेष्ठ व बुद्धिमान है. लेकिन खुद असंख्य मायावी बंधनों से जकड़ा हुआ छटपटाता रहता है, छुटकारा पाना चाहता है. फिर भी इन... Read more
फूल, तितली और बचपन
बचपन की दुनिया इस असल दुनिया से कई गुना खूबसूरत होती है. शायद इसलिए क्योंकि बचपन की दुनिया ख्यालों और ख्वाबों से भरी होती है. मेरी बचपन की दुनिया भी बहुत खूबसूरत हुआ करती थी. (Flowers Butter... Read more
कथा दो नंदों की
उपकोशा की चतुराई, धैर्य और विवेक से भरी कथा के बाद अब कथा एक नए मोड़ पर पहुँचती है. यह वह समय है जब विद्या, योग और सत्ता; तीनों एक, दूसरे से टकराते हैं. इस खंड में हम देखते हैं कि कैसे व्याक... Read more


























