उत्तराखंड में इन दिनों हिल टॉप शराब टॉप पर है. हिल टॉप की बॉटलिंग फैक्ट्री लगाने का लोग समर्थन और विरोध बराबर कर रहे हैं. विरोध करने वाले इस लिये विरोध कर रहे हैं क्योंकि शराब एक बुरी चीज है... Read more
एक समय की बात है प्रभास क्षेत्र में मल्लिका नामक राज्य था, जिसकी राजधानी विराट नगर थी. यहाँ मल्लिका के पुष्प बहुतायत में होते थे. निरंतर मल्लिका के पुष्पों से सुवासित रहने के कारण ही इस राज्... Read more
माना जनाब ने पुकारा नहीं
माना जनाब ने पुकारा नहींक्या मेरा साथ भी गवारा नहीं मुफ्त में बनके चल दिए तन के वल्ला जवाब तुम्हारा नहीं... ... गुस्सा ना कीजिए जाने भी दीजिए बंदगी तो बंदगी तो लीजिए साहब... ...इधर देखिए, नज... Read more
उत्तरकाशी के 132 गावों में पिछले तीन महीने में एक भी बेटी पैदा नहीं हुई है
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले से एक गंभीर खबर सामने आ रही है. टाइम्स ऑफ़ इण्डिया की के ख़बर के अनुसार पिछले तीन महीनों में उत्तरकाशी के 132 गांवों में बीते तीन महीने में एक भी बेटी का जन्म नहीं... Read more
जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क से कुछ तस्वीरें
जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय पार्क उत्तराखण्ड के कुमाऊँ मंडल के नैनीताल जिले में है. 1936 में इस पार्क की स्थापना हेली नेशनल पार्क के नाम से बंगाल टाइगर के संरक्षण के उद्देश्य से की गयी थी. बाद में... Read more
शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क के लिये पिथौरागढ़ के होकरा गांव में 6 दिन से 83 लोग भूख हड़ताल पर
पिथौरागढ़ जिला पिछले कुछ समय से चर्चा का विषय बना हुआ है, मुद्दा है शिक्षकों और पुस्तकों की मांग करते महाविद्यालय के युवा पर शिक्षकों और पुस्तकों की समस्या केवल पिथौरागढ़ महाविद्यालय की ही स... Read more
पटौव्वा रंगवाली, पटवाली या पटरंगवाली शब्द का मतलब है अफवाह. इसकी उत्पत्ति 758-778 ई. में चंद शासक इन्द्रचंद के शासनकाल में हुई मानी जाती है. उस समय तिब्बत से प्राप्त रेशम के कीड़ों को पालने... Read more
देवदार: उत्तराखण्ड के जंगलों का राजा
उत्तराखंड के पहाड़ वैसे तो जड़ी-बूटी और पेड़ों से पटे हुए हैं परंतु देवदार के पेड़ों की शान ही निराली है. अगर आप देवदार के जंगलों में पहुंच जाएंगे तो यह पेड़ शीतलता और सुगंध से आपका स्वागत क... Read more
है दुनिया उसी की, ज़माना उसी का
(पोस्ट को रुचिता तिवारी की आवाज़ में सुनने के लिए प्लेयर पर क्लिक करें) मेलोडेलिशियस-12 ये ऑल इंडिया रेडियो नहीं है. ये ज़ेहन की आवाज़ है. काउंट डाउन नहीं है ये कोई. हारमोनियम की ‘कीज़... Read more
साल 2006 में मैंने पत्रकारिता की शुरुआत की थी. शायद यही वह दौर था जब लोककलाकार नरेन्द्र सिंह नेगी ने अपने एक गीत से जनविरोधी तिवारी सरकार की पोल खोल दी. उनका गीत लोगों के मन में ऐसा रमा कि त... Read more


























