सरकार पिथौरागढ़ के शिक्षक पुस्तक आन्दोलन पर भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है
पिथौरागढ़ जिले में हो रहे छात्रों के पुस्तक शिक्षक आन्दोलन पर जहां आज विश्व भर की नजर है उस पर उत्तराखंड सरकार गैर-जरूरी बयान जारी कर भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है. उत्तराखंड सरकार के उच्च शि... Read more
उत्तराखण्ड के कॉलेजों में छात्रों की मुखरता पर प्रतिबंध की तैयारी में भाजपा सरकार
उत्तराखण्ड के उच्च शिक्षा राज्य मन्त्री डॉ. धन सिंह रावत का कल 11 जुलाई 2019 को हल्द्वानी में दिया गया बयान तो यही जाहिर कर रहा है. राज्य मन्त्री कह रहे हैं कि कालेज में राजनीति करने वाले छा... Read more
शेरदा अनपढ़ की कविता – को छै तू
भुर भुर उज्याई जसी जाणि रत्तै ब्याण,भिकुवे सिकड़ी कसि ओढ़ी जै निसाण,खित्त कनैं हंसणऔर झऊ कनैं चाण,क्वाठन कुरकाती लगूंमुख क बुलाण,मिसिर है मिठि लागींकार्तिकी मौ छै तूपूषेकि पालङ जसीओ खड़्यूणी... Read more
पिथौरागढ़ के छात्र आंदोलन में कहां खड़े हैं राजनैतिक पार्टियों से जुड़े छात्रसंगठन
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ महाविद्यालय में 4 हफ्तों से एक आंदोलन चल रहा है जिसकी गूंज राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय मीडिया तक पहुंच चुकी है. छात्रों द्वारा चलाये गए इस आंदोलन के समर्थन में अभी तक रा... Read more
भारत विश्वकप में चैंपियन होते-होते रह गया लेकिन उत्तराखंड के विधायक कुँवर प्रणव सिंह बिना खेले सिर्फ शराब पीकर ही चैंपियन हो गए. नायिका रूपी उत्तराखंड, राणा रूपी चैंपियन से उनके विधायक चुन ल... Read more
देवीधूरा: आस्था की चट्टानें और सच्चाई के प्रहार
कौतूहल, कुछ देख कर उसके बारे में बहुत कुछ, सब कुछ जानने की कोशिश करना संभवतः मनुष्य का जन्म-जात स्वाभाव है. हमारी शोध की प्रवृत्ति, तकनीक, वैज्ञानिक सोच इत्यादि ने हमारे चारों ओर फैली अनगिनत... Read more
क्या आप कल्पना कर सकते हैं एक महाविद्यालय की जिसकी कक्षायें दो कमरे में चलती हों. ऐसा भी कहीं संभव है कि कालेज में 200 बच्चे पढ़ने वाले हों और परीक्षा देने के लिये इंटर कालेज जाते हों. संभव ह... Read more
कहां तो तय था चरागां हर एक घर के लिए कहां चराग़ मयस्सर नहीं शहर के लिए दुष्यंत साहब की इन पंक्तियों के साथ याद करतें उस आंदोलन के दौर को जिसकी भट्टी में एक छात्र और मजदूर होम हो गए. तब... Read more
घर की देहली पर बनाये जाने वाले ऐपण
ऐपण कुमाऊनी आलेखन परंपरा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है. यह कुमाऊँ के लोकजीवन व धार्मिक आयोजनों का महत्वपूर्ण पक्ष है. यहाँ के सभी धार्मिक उत्सवों, पर्व-त्यौहारों, व्रतोत्सवों अथवा संस्करोत्सव... Read more
उस दोपहर जब मीना से हमारी पहली मुलाक़ात हुई तो वह धान की पौधों का गठ्ठर टोकरी में लादे नंगे पैर सीढ़ीदार खेतों की ढलान पर उतर रही थी. उसकी वेशभूषा की स्थित बता रही थी कि वह सुबह से काम कर रह... Read more


























