गौरा को किसी से शिकायत नहीं थी
गाँव में सब उसे जानते थे. कोई उस के पास सब्जी लेने आता तो वह रास्ते भर की खबर भी पूछ लेती. किसी के घ... Read more

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गाँव में सब उसे जानते थे. कोई उस के पास सब्जी लेने आता तो वह रास्ते भर की खबर भी पूछ लेती. किसी के घ... Read more
सुन्दर चन्द ठाकुर कवि, पत्रकार, सम्पादक और उपन्यासकार सुन्दर चन्द ठाकुर सम्प्रति नवभारत टाइम्स के मु... Read more
लो चित्र शलभ सी पंख खोल, उड़ने को है कुसमित धाती.यह है अल्मोड़े का बसंत, खिल उठी निखिल पर्वत घाटी.... Read more
भय के कोने भय से निजी कुछ नहीं. कुछ पल हर आदमी के जीवन में लौट लौट कर आते हैं जिनमें वो निष्कवच होता... Read more
पर्वतों की शोभा और सौन्दर्य के समक्ष विश्व के आश्चर्यजनक चमत्कार निष्प्रभ लगने लगते हैं, उनकी रमणीयत... Read more
गाँव में सब उसे जानते थे. कोई उस के पास सब्जी लेने आता तो वह रास्ते भर की खबर भी पूछ लेती. किसी के घ... Read more
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