हिन्दी के अनेक रुप
मेरी पढ़ाई-लिखाई का माध्यम हिंदी था. ज़ाहिर है विचार-प्रक्रिया भी हिंदी में ही चलती है. साहित्य भी सर्वाधिक हिंदी का ही पढ़ा है तो अभिव्यक्ति की भी सबसे सहज भाषा हिंदी ही है. किंतु मेरे हिंद... Read more
कैलास मानसरोवर यात्रा का सम्पूर्ण इतिहास और यात्री
हिमालय के पार के प्रदेश तिब्बत का प्राचीन नाम था “उत्तर कुरु “जहां कैलास मानसरोवर और गोर्ला मान्धाता तीर्थ थे. दक्षिणी कुरु का वैदिक नाम कुरु जांगल प्रदेश था. कुरु राज्य की राजधा... Read more
तकदीर कदमों पर बिछेगी, सीने में चाह तो पैदा कर
कहते हैं कि जब हम जवान होते हैं, तो वेल्थ के लिए अपनी हेल्थ दांव पर लगाने को तैयार रहते हैं. लेकिन जब हम बूढ़े होने लगते हैं और जिंदगी को समझ लेते हैं कि उसके लिए क्या जरूरी है, क्या नहीं, त... Read more
पिथौरागढ़-घाट सड़क मार्ग से समझिये ऑल वेदर रोड परियोजना पर्यावरण को कितना प्रभावित करती है
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड में चल रही ऑल वेदर रोड परियोजना के संबंध में एक महत्वपूर्ण निर्णय दिया. जिसके बाद से रोड का चौड़ीकरण 5.5 मीटर से अधिक नहीं किया जा सकता. इस आदेश का पर्य... Read more
कोऊ न जानत कवि की पत्नी के मन की पीर
“कब से ऐसा महसूस हो रहा है?” “ये क्या बकवास है? अरे इसमें महसूस जैसा क्या है, मैं हूँ कवि, तो हूँ.” “मैं आपसे नहीं, आपकी पत्नी से पूछ रहा हूँ.” “अरे डाक्साब,पहिले तो... Read more
उत्तराखण्ड के पारम्परिक लोक पर्व को पुनर्जीवित करने हेतु भाव राग ताल की कार्यशाला
भाव राग ताल नाट्य अकादमी पिथौरागढ़ द्वारा ओएनजीसी के सहयोग से पिथौरागढ़ जिले के दो गांव बसौड़ और बोकटा में कार्यशाला आयोजित की गई. जिसमें उत्तराखण्ड के पारम्परिक लोक पर्व जैसे हिलजात्रा एवं... Read more
हिंदी के कथाकारों में शेखर जोशी बड़ा नाम हैं. आपसी संबंध, आंचलिकता और पर्वतीय जीवन से सरोबार उनकी कहानियां दुनियाभर में पसंद की जाती हैं. अल्मोड़ा के ओलिया गांव में जन्में शेखर जोशी की कहानि... Read more
हिमालय से हम हैं और हमारे लिए हिमालय
हिमालय अमर नहीं है. गोंडवानालैंड के जमाने में ये था ही नहीं. गोंडवानालैंड के एक हिस्से के छिटक कर एशियाखंड से मिलने या टकराने से अस्तित्व में आया था हमारा हिमालय. पर्वत श्रृंखलाओं की बिरादरी... Read more
जब दूरदराज के इलाकों में सेवाएं देने के लिए शिक्षकों में कुछ अतिरिक्त योग्यताओं की जरूरत पड़ती थी
दूरदराज के इलाकों में सेवाएं देने के लिए, उन दिनों शिक्षकों में कुछ अतिरिक्त योग्यताओं की जरूरत पड़ती थी. स्वास्थ्य-सेवाओं के नाम पर, वहां पर कुछ भी नहीं होता था. डिस्पेंसरी तो छोड़िए, फार्म... Read more
सिर्फ बर्फ से ढकी चोटियां हिमालय नहीं होती
हिमालय की पहली स्मृति नर्सरी क्लास की है जब हमें पिकनिक के लिए अल्मोड़े से कौसानी ले जाया गया था. एक बहुत विशाल हिमपुंज के सामने अवाक हो गए तीन-चार बरस के एक दुबले बच्चे की छवि धुंधली याद की... Read more


























