सिलबट्टे (सिल-लौढ़) का उत्तरांचली रसोई में एक विशेष महत्व रहा है. शगुन के एकाकी कार्य हो या रोजमर्रा की जिंदगी में रसोई चलाने के, सिलबट्टा हमारे पुरखों का जूसर, मिक्सर व ग्राईन्डर (थ्री-इन-व... Read more
आप शिकंजी पीना चाहेंगे?
निजी कारणों की वजह से शुरुआत में ही मैं खुद को इस वाकये से अलग कर लेता हूँ. तो वो एक पुलिस चौकी थी जिसमें चार सीसीटीवी कैमरे लगने थे. तीन बाहर और एक अंदर. बाहर के सभी कैमरे लगने के बाद चौकी... Read more
अतीत को छोड़ दो, बंधनों को तोड़ दो
जन्म के वक्त हम सभी शरीर और दिमाग के स्तर पर एक जैसे होते हैं, लेकिन हम जीवनकाल में अपने शरीर और दिमाग का अपनी-अपनी तरह से इस्तेमाल करते हैं और मृत्यु के वक्त इस दुनिया में अपनी अलग पहचान छो... Read more
ऐतिहासिक संदर्भ कुमाऊं के पर्वतीय क्षेत्र में मुख्य रूप से अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, रानीखेत और नैनीताल में ताज़िया बनाने की बहुत पुरानी परम्परा है. गमी का यह पर्व हिन्दू-मुस्लिम एकता और आपसी सह... Read more
हमें कभी माफ़ न करना दद्दा ध्यानचंद!
ध्यान चंद की आत्मकथा की प्रस्तावना लिखते हुए मेजर जनरल ए.ए. रुद्रा ने उन्नीस साल के ध्यान चंद को इस तरह याद किया है – “मैं ध्यान चंद को 1924 से जानता हूँ और उस मैच में मौजूद था जब उसे... Read more
उत्तराखंड में भविष्य के पर्यटन का मॉडल है बासा होम स्टे इन खिर्सू पौड़ी गढ़वाल
उत्तराखंड राज्य में बढ़ती बेरोजगारी की समस्या को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने पर्यटन पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया है जिसमें पर्यटकों के बीच होम स्टे कॉन्सेप्ट को लोकप्रिय बनाने की को... Read more
अल्मोड़े में नंदा देवी मेले की एक्सक्लूसिव तस्वीरें
कोरोना के बीच अल्मोड़ा में आज नंदा देवी का डोला निकाला गया और लोगों की आस्था और विश्वास के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. नन्दादेवी का मेला भाद्रमास की पंचमी में शुरु होता है.(Photos of Nandade... Read more
लैंसडाउन का घोड़े पर घूमने वाला सरकटा अंग्रेज भूत
लैंसडाउन गढ़वाल राइफल्स से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जगह है. भारत के सबसे जाबाज जवानों के मुख्यालय के जवानों की जितनी शौर्यगाथा लोकप्रिय हैं उतने ही लोकप्रिय है लैंसडाउन से जुड़े भूतों के किस्से. लैं... Read more
पवन पहाड़ी का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू
दादि, दादि, दादि मि छूं पवन पहाड़ी… ठेठ पहाड़ी लटेक में कही गयी ये वो पंक्ति है जो शायद ही किसी कुमाऊनी परिवार में न सुनी गयी हो. पिथौरागढ़ जिले में एक छोटा सा गांव है कफलेत. गांव जाने... Read more
शिखरों के स्वर : ‘स्त्रीधन’ गौरा मैसर तीज
लॉ की पढ़ाई करते वक़्त हिन्दू लॉ की किताब में शादी के शीर्षक में एक शब्द पढ़ा था “स्त्रीधन” यानी विवाह के वक़्त जो उपहार (जेवर,चल अचल संपत्ति,और भी तमाम उपहार) नवेली वधु को दिया... Read more


























