रानी विक्टोरिया से इंसाफ मांगने लंदन पहुंचने वाली अवध की रानी ‘मल्लिका-ए-किश्वर’
1857 में ग़दर के साल एक भारतीय महिला ब्रिटेन की खबरों में छाई रही. अगस्त 1856 में उसके कलकत्ता में पानी के जहाज पर चढ़ने के साथ ही वह ब्रिटिश दैनिक अख़बारों की खबरों का हिस्सा हो चुकी थी. अग... Read more
भारत-नेपाल संस्कृति की जीवनरेखा ‘काली नदी’
भारतीय संस्कृति और सभ्यता में नदियाँ सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि सभ्यताओं का आश्रय स्थल और धार्मिक-सांस्कृतिक केंद्रों का गढ़ रही हैं. उत्तराखंड की पावन भूमि से देश की कई बड़ी नदियों का... Read more
ऐसे बीज बिछा रे, सुख चैन उगे दुख दर्द मिटे
पिछली कड़ी : डी एस बी के अतीत में ‘मैं’ डी एस बी मेरे लिए इसलिए भी खास बना रहा कि मेरा बचपन इसी की परिधि में बीता. वहीं घर था सरकारी, अंग्रेजों के समय का बना. टीन की छत, भीतर की तरफ लकड़ी लगी... Read more
‘हेमवंती’ जहां मोहब्बत मजबूरी नहीं ताकत बन जाती है
गढ़वाल और कुमाऊं अंचल ने संस्कृति के उन्नयन और उत्थान हेतु नित नए मील के पत्थर खड़े किए हैं, इसी कड़ी में 24 अप्रैल को रिलीज हुई गढ़वाली मूवी हेमवंती का जिक्र बहुत जरूरी प्रतीत होता है. जहां... Read more
पहाड़ से निकलकर बास्केटबॉल में देश का नाम रोशन करने कैप्टन हरि दत्त कापड़ी का निधन
हरि दत्त कापड़ी का जन्म पिथौरागढ़ के मुवानी कस्बे के पास चिड़ियाखान (भंडारी गांव) में हुआ था. 1958 से उन्होंने बॉक्सिंग, फुटबॉल और बास्केटबॉल खेलना शुरू किया, लेकिन बास्केटबॉल को ही अपनी जिं... Read more
हरिद्वार के 5 आदिकालीन और रहस्यमयी शिव मंदिर
धर्मनगरी हरिद्वार को सिर्फ गंगा मैया के घाटों के लिए ही नहीं, बल्कि यहाँ के प्राचीन और चमत्कारी शिव मंदिरों के लिए भी जाना जाता है. कनखल के राजा दक्ष और माता सती की पौराणिक कहानियों से घिरे... Read more
डी एस बी के अतीत में ‘मैं’
तेरा इश्क मैं कैसे छोड़ दूँ? मेरे उम्र भर की तलाश है… ठाकुर देव सिंह दान सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नैनीताल यानी डीएसबी की यादें ऐसे खजाने से भरी हैं जिन्हें टटोलते मेरा मन... Read more
प्रकृति के सुकुमार कवि सुमित्रानंदन पंत की जन्म स्थली कौसानी,आजादी आंदोलन का गवाह रहा कौसानी, इसी आजादी आंदोलन से उपजे सर्वोदय विचार का केंद्र कौसानी, गांधी के अनासक्ति योग पर टीका की स्थली... Read more
मशहूर पर्यावरणविद और इतिहासकार प्रोफ़ेसर शेखर पाठक की यह टिप्पणी डाउन टू अर्थ पत्रिका के अंग्रेजी संस्करण के अप्रैल अंक में छपे लेख राजू सजवान के एक लेख का हिस्सा है. उत्तराखंड में हो रहे पर... Read more
शराब से मोहब्बत, शराबी से घृणा?
इन दिनों उत्तराखंड के मिनी स्विट्जरलैंड कौसानी की शांत वादियां शराब की सरकारी दुकान खोलने न खोलने पर गरमाई हुई है. हैरत इस बात पर भी है कि कई ऐसे महानुभाव भी यहां शराब की दुकान खोलने को उचित... Read more
























