लाल बहादुर दाई उर्फ़ हनुमान क्वाड़ी
यूँ तो हमारे आसपास होने वाले घटनाक्रमों के बीच कई बार ऐसा भी होता है कि कोई अंजान शख़्सियत किसी ख़ास शख़्सियत से इस क़दर मेल खाती है कि लोग असल शख़्सियत का नाम इस अंजान शख़्सियत को दे बैठते... Read more
बर्फबारी के बाद पहाड़ियों का जीवन
सोशियल मीडिया की दुनिया में बर्फबारी देखकर हर किसी का दिल सैलानी बनकर पहाड़ में रहने का होता है. बर्फबारी का जादू ही कुछ ऐसा है. एक तरफ बर्फबारी सैलानियों को तो खूब मजा देती है लेकिन पहाड़ क... Read more
मकड़ू पधान की कहानी
अतीत पहाड़ों में वेगवान पवन और जलधाराओं के अतिरिक्त कुछ भी तो गतिमान नहीं है. सूरज तो उगता है पर कलियां उदास सी है. चिडियों की चह-चहाट भी कुछ कम सी हो गई है. जीवन स्तर उठा तो घिन्दूड़ियां भी... Read more
पहाड़ों में ‘धिनाली’ और उससे जुड़ी लोक मान्यतायें
धिनाली कुमाऊनी का एक शब्द है जिसका सामान्य मतलब होता है- दूध, दही, घी, मठ्ठा, मक्खन आदि यानि दूध और दूध से बने पदार्थ डेयरी उत्पाद पर पहाड़ के सन्दर्भ में यह शब्द बहुत व्यापकता लिये हुए है.... Read more
बर्फबारी के बाद अल्मोड़ा शहर : फोटो निबंध
बर्फ का गिरना किसी उत्सव से कम नहीं. कुदरत के इस इख्तियार पर इंसान बहुत कुछ लूटा देने को तैयार रहता है. बर्फबारी के सुकून भरे लम्हे ताउम्र भीतर कैद रहते हैं जिन्हें मौके-बे-मौके बस आँखें बंद... Read more
अस्थायी प्रवास हिमालय के चरवाहों के जीवन का अभिन्न हिस्सा होता है. ये चरवाहे पहिये की तरह साल भर मवेशियों, भेड़-बकरियों, घोड़ों, याकों और तिब्बती बकरवाल कुत्तों के साथ कभी उच्च हिमालय, कभी द... Read more
थल के ‘एक हथिया देवाल’ की अजब कहानी
पिथौरागढ़ जिले में थल के पास दो गांव हैं – अल्मियां और बलतिर. अल्मियां और बलतिर गांव के बीच एक चट्टान है जिसे भोलियाछीड़ कहा जाता है इसी चट्टान पर मौजूद है एक अनूठा शिव मंदिर. लगभग आठव... Read more
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में करोड़पति उम्मीदवार
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों की वित्तीय पृष्ठ भूमि से संबधित एक रिपोर्ट आज एडीआर ने जारी की है. एडीआर द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में शामिल उम्मीदवारों... Read more
हल्द्वानी की सब्जी मंडी का इतिहास
आज उत्तराखण्ड की प्रमुख मण्डी के रूप में हल्द्वानी स्थापित है. पूर्व में यहां मण्डी का कारोबार मंगल पड़ाव, मीरा मार्ग (पियर्सनगंज), रेलवे बाजार, महावीर गंज में था. महावीरगंज को रहीम गंज कहा... Read more
बचपन से ही अक्सर हम देखते थे गाँव में कोई भी शुभ कार्य हो महिलाओं की एक विशेष ही भूमिका होती थी. किसी के भी घर का कोई भी मांगलिक काम हो महिलाओं द्वारा उस घर में एकत्रित हो कर गीत गाए जाते थे... Read more


























