ध्यानपुर का प्राचीन नंदीश्वर महाराज मंदिर
ऊधम सिंह नगर ज़िले के नानकमत्ता क़स्बे से मात्र 6-7 किलोमीटर दूर ध्यानपुर गाँव में स्थित है श्री नंदीश्वर दरबार मंदिर जो कि भगवान शिव के वाहन नंदी महाराज को समर्पित है. इस मंदिर को क्षेत्र क... Read more
ये दो बातें आपको असफल न होने देंगी कभी
क्या आपने कभी इस बात पर ध्यान दिया है कि अगर आप सफल नहीं हो, तो क्यों नहीं हो. सफलता का अर्थ सिर्फ पैसा कमाना भर नहीं, बल्कि वह सब पाना है, जिसकी आप इच्छा करते हो. पैसा तो हमेशा आपके जुनून क... Read more
उत्तराखंड में चुनाव का मौसम है, उत्तराखंड राज्य गठन के वक्त एक नारा हवाओं में तैरता था- आज दो अभी दो उत्तराखंड राज्य दो, मडुवा-झुंगरा खाएंगे, उत्तराखंड बनाएंगे. राज्य गठन के बाद उत्तराखंड के... Read more
लता मंगेशकर ने जब बिना फ़ीस लिये गढ़वाली गीत गाया
भारत रत्न से सम्मानित लता मंगेशकर का निधन हो गया है. 92 वर्ष की लता मंगेशकर बीते 8 जनवरी से ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती थीं. आठ दशक से भी अधिक समय से भारत की आवाज बनीं लता लता मंगेशकर ने 3... Read more
कुमाऊनी में सरस्वती वंदना
साल 2018 में एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें किसी पहाड़ी गवेर्मेंट गर्ल्स इंटर कालेज की लड़कियां स्कूल की सभा में एक प्रार्थना गा रही थी. कुमाऊनी बोल वाला यह गीत कुमाऊनी में सरस्वती वंदना थी जिसे... Read more
बनन में बागन में बगरो बसंत है! वसंत आ गया है. महाकवि पद्माकर लिख गए हैं- बनने में,बागन में, बगरो बसंत है! हां, आसपास पेड़-पौधों और फुलवारियों में सब जगह लाल, पीले, नीले, गुलाबी और बैंगनी फूल... Read more
हिमपात का इंतजार आमजन मानस के साथ ही पशुओं, पक्षियों के जीवन के वार्षिक प्रवास का हिस्सा भी है. इंसानों की तरह जानवरों को भी हिमपात का बेसब्री से इंतजार रहता है. आजकल पशुओं में सबसे ज्यादा ख... Read more
कुमाऊं में शोक व्यक्त करने के तरीके
हर समाज में किसी प्रियजन की मौत पर शोक व्यक्त करने के अपने तरीके हैं. इसी तरह कुमाऊं में इसके अपने तरीके हैं. यहॉ किसी की मृत्यु के दिन से बारह दिन का शोक मनाने की परम्परा है. बारहवें दिन पी... Read more
पहाड़ों में बसंत पंचमी से जुड़ी परम्परायें
बंसत पंचमी का दिन उत्तराखंड में सबसे पवित्र दिनों में एक माना जाता है. स्थानीय भाषा में इसे सिर पंचमी भी कहा जाता है. आज के दिन अपनी-अपनी स्थानीय नदियों को गंगा समझ कर स्नान किया जाता है और... Read more
उत्तराखंडी समाज में बसंत पंचमी का महत्व उसी तरह है जिस तरह मकरैणी यानी मकर संक्रांति का. पंचमी पर स्नान आदि का महत्व है और इस दिन लोग मंदिरों में दर्शन करने जाते हैं. यह ऋतु पर्व ग्रामीण समा... Read more


























