‘सोना की नथ’ एक पहाड़ी लड़की की कहानी
उसका नाम सोनी था और लोग प्यारवश उसे सोना कहते. बचपन से ही उस के सौंदर्य को देख लोग कहा करते- किसी सेठ घराने में ही ब्याही जाएगी जहाँ दस तोले की नथ पहन सके.(Sona Uttarakhand Stories) और ज्यों... Read more
आर. के. नारायण की कहानी ‘बीवी छुट्टी पर’
कन्नन अपनी झोपड़ी के दरवाजे पर बैठा गाँव के लोगों को आते-जाते देख रहा था. तेली सामी अपने बैल को हाँकता सड़क से गुजरा. उसे देखकर बोला- आज आराम करने का दिन है? तो शाम को मंटपम में आ जाना. कई औ... Read more
अस्कोट रियासत पर एक महत्वपूर्ण लेख
अस्कोट में कुल क्षेत्रफल प्रति एकड़ चार आना नौ पाई राजस्व निर्धारित है जबकि कृषि भूमि पर यह दर सात आना नौ पाई है. पटवारी बाड़कोट में रहता है. स्कूल देवल में है. अस्कोट में कास्तकारी सारे कुम... Read more
कुमाऊं की सबसे लोकप्रिय ‘लोककथा’
बड़ी पुरानी बात है. एक गांव में एक बुड्ढा और बुढ़िया रहा करते थे. ज़िन्दगी के तीन-तिहाई साथ बिताने के बाद भी दोनों के बीच ख़ूब लड़ाई-झगड़ा हुआ करता. बच्चे उनके थे नहीं एक बेटी थी जिसकी सालों... Read more
लोक कथा : कुएं की परियां
एक गांव में एक सुस्त और कामचोर आदमी रहता था. काम-धाम तो वह कोई करता न था, हां बातें बनाने में बड़ा माहिर था. इसलिए लोग उसे शेखचिल्ली कहकर पुकारते थे. शेखचिल्ली के घर की हालत इतनी खराब थी कि... Read more
लोककला पर मोहन उप्रेती का एक महत्वपूर्ण लेख
विगत लगभग तीस-चालीस वर्षों से भारत के विद्वजनों का ध्यान लोक-परम्परा की ओर आकर्षित हुआ है, विशेषकर आज के तेजी से बदलते राजनैतिक, सामाजिक व आर्थिक परिवर्तनों के अनुरूप लोक कला को अपनाने की सम... Read more
उत्तराखण्ड में मृतात्माओं से जुड़े लोकविश्वास
उत्तराखण्ड अद्वितीय प्राकृतिक सुन्दरता और अनूठी लोकसंस्कृति से समृद्ध है. यहाँ के समाज में प्रचलित ढेरों किस्से-कहानियाँ मन को आनन्दित तो करते ही हैं, ये अलिखित इतिहास भी हैं. रोमांच से भर द... Read more
जैनेन्द्र कुमार की कहानी ‘पत्नी’
शहर के एक ओर तिरस्कृत मकान. दूसरा तल्ला, वहां चौके में एक स्त्री अंगीठी सामने लिए बैठी है. अंगीठी की आग राख हुई जा रही है. वह जाने क्या सोच रही है. उसकी अवस्था बीस-बाईस के लगभग होगी. देह से... Read more
कसार देवी: इतिहास, रहस्य और अफ़वाहें
ज़रा सोचिए, गुरुदत्त और पंडित रविशंकर टहलने निकले हों और उन्हें सामने से आते सुमित्रानंदन पंत नजर आ जाएँ जो शाम की रिहर्सल के लिए गीत लिखकर लाए है. खुले मंच पर ज़ोहरा सहगल और उनकी फ्रेंच डां... Read more
विरासत में मिलने वाली लोक कला ‘ऐपण’
उत्तराखंडी लोक कला के विविध आयाम हैं. यहाँ की लोक कला को ऐपण कहा जाता है. यह अल्पना का ही प्रतिरूप है. संपूर्ण भारत के विभिन्न क्षेत्रों में लोक कला को अलग-अलग नामों जैसे बंगाल में अल्पना, उ... Read more


























