हे महादेवी ! तुम कौन हो
हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें: Kafal Tree Online जीवन भर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुल महाविद्यालयों में अर्थशास्त्र की प्राध्यापकी करते रहे प्रोफेसर मृगेश पाण्डे फिलहाल सेवानिवृत्ति... Read more
मुक्तेश्वर की ठंड और सने हुए नीबू के मजे
हमारा बचपन मंदिर के ठीक नीचे वाले बंगले में गुजरा. उससे पहले मुक्तेश्वर क्लब के ऊपर वाला घर और उससे भी पहले हवाघर वाला घर. ब्रिटिश काल में बने मुक्तेश्वर के खूबसूरत बंगलों की खिड़कियों से सा... Read more
अल्मोड़ा के खमसिल बुबू और उनका मंदिर
मंदिर स्थापत्य की विभिन्न श्रेणियां इतिहास की पुस्तकों में, सिविल सेवा की तैयारियों के दौरान किए गए अध्ययन में पढ़ी थीं. नागर, बेसर, द्रविड, यूनानी, मुस्लिम, तुर्क आदि-आदि निर्माण श्रेणियां.... Read more
ऐतिहासिक महत्व का है कुमाऊं का गणानाथ मंदिर
अल्मोड़ा नगर से 47 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गणानाथ मंदिर जाने के लिए अल्मोड़ा-सोमेश्वर मार्ग पर स्थिर रनमन नामक जगह से ग्नानाथ तक का 7 किलोमीटर की सीधी चढ़ाई वाला कच्चा मार्ग है. इसके अलावा अल... Read more
शिमला से ज्यादा सुंदर है काली कुमाऊं – पीटर बैरन
तीन ओर क्रमशः काली, सरयू और पनार नदियों से घिरा और मध्य में लोहावती व लधिया नदियों को लिये हुए उत्तराखंड के पूर्वी किनारे पर स्थित काली कुमाऊं क्षेत्र का विस्तार माल (भाबर) से मध्यवर्ती पहाड... Read more
ठाकुर दान सिंह मालदार और पंडित गोविन्द बल्लभ पंत ने जगाई कुमाऊं में आधुनिक शिक्षा की अलख
आज जिस स्थान पर कुमाऊँ विश्वविद्यालय का मुख्य परिसर ‘डी. एस. बी.’ स्थित है, आजादी से पहले वहाँ पर ‘वैलेजली स्कूल’ था जहाँ अंग्रेजों के बच्चे पढ़ते थे. उन दिनों गढ़वाल... Read more
गणानाथ मन्दिर की अलौकिक विष्णु प्रतिमा
अल्मोड़ा से कोई 45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गणानाथ का मंदिर मूलतः शिव का मंदिर है. समुद्रतट से 2116 मीटर की ऊंचाई पर एक एकांत स्थल पर सतराली के समीप तल्ला स्यूनरा में मौजूद यह शिव-मंदिर लम्... Read more
एक त्रिशूल की आंखिन देखी
मैं, अर्थात गोपेश्वर के गोपीनाथ मंदिर के प्रांगण में स्थित त्रिशूल, आँखिन देखी अपनी कथा सुनाकर जी हल्का करना चाहता हूँ. त्रिशूल का देखा हुआ अर्थात त्रिशूलन देखी. (Tragedy of Trishul Temple G... Read more
पांच पैसे की रामलीला और वो मशाल दौड़
एक तो बचपन ऊपर से वो भी गांव का. अलमस्त सा. घर वाले गालियों से नवाजते थे, और ‘भूत’ हो चुके चाचाजी, जो भी उनके हाथ लगता रावल पिंडी एक्सप्रैस की स्पीड में दे मारते. और उनका निशाना... Read more
आज मैन ऑफ़ ट्रीज का जन्मदिन है
यूं तो भारत सहित दुनिया की अधिकांश प्राचीनतम सभ्यताएं चीन, मिश्र, यूनान तथा आदिवासी अफ्रीकी समाज में पर्यावरण चेतना का स्तर प्राचीन समय में बहुत ऊंचा था. सभी सभ्यताओं ने प्रकृति को विभ... Read more
























