हाल बेहाल है गोविन्द बल्लभ पन्त की जन्मस्थली का
अल्मोड़ा जिला मुख्यालय से करीब 27 किमी की दूरी पर एक गांव है खूंट. भारत के इतिहास में इस गांव का परिचय पंडित गोविन्द बल्लभ पन्त के जन्मस्थान के रूप में दर्ज है. Govind Ballabh Pant Village इस... Read more
1972 के विधानसभा चुनाव में पिथौरागढ़ की जनता ने निर्दलीय उम्मीदवार डी. के. पाण्डे को भारी मतों से विजयी बनाया
यदि आज किसी विधायक को आबकारी मंत्री बना दिया जाए तो उसका बेडा पार. मंत्री हो जाने की बात तो दूर की, यदि किसी दमदार विधायक को शराब का ठेकेदार विरोध में खड़े होने वालों को खरीदने की जिम्मेदारी... Read more
जेएनयू अपनी स्थापना से लेकर 2015 तक कभी इतना लाइमलाइट में नहीं रहा जितना पिछले कुछ वर्षों में रहा है. ऐसा नहीं है कि अतीत में जेएनयू में धरना प्रदर्शन या छात्रों की माँगों को लेकर नारेबाजी न... Read more
लछिमा कैंजा भूत बनकर अपने ससुराल वालों के घर गई
कैंजा दूसरे नंबर की थी. उसकी परवरिश कुछ उपेक्षा के साथ हुई थी. नाम था लछिमा. इजा कहती थी, वह मूरख थी, लाटी जैसी, मुझे वह बेहद खुबसूरत लगती थी. उसकी नाक विशुद्ध पहाड़ी थी. वह भोली थी लेकिन उनम... Read more
कुछ तो करना है पहाड़ के लिए
बीस साल तक दुनिया-जहान में तमाम धकापेल कारपोरेट नौकरियां करने के बाद मार्च की एक रात सिड कपूर को उसकी अंतरात्मा का टेलीफोन आया. सिड यानी सिद्धार्थ कपूर हर रात की तरह उस रात भी एक बड़ी पार्टी... Read more
मडुए की रोटी और हरिया साग गुमनाम क्यों
मक्के की रोटी और सरसों का साग, एक ऐसी भारतीय डिश है जिसे आप किसी भी स्तरीय रेस्टोरेंट के मैन्यू में देख सकते हैं. भारत समेत विदेशों में भी भारतीय डिश में आपको मक्के की रोटी ओर सरसों का साग म... Read more
जब से आधुनिक जीवनशैली और खानपान ने इंसान का हर तरीके से बेड़ा गर्क करना शुरू किया तभी से प्राकृतिक जीवन पद्धति की तरफ ध्यान दिया जाने लगा. विभिन्न अध्ययनों से यही तथ्य सामने आया कि हमारा पार... Read more
जब राष्ट्रीय स्तर के नेता भी हल्द्वानी में बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के भाषण देते थे
आजादी की लड़ाई में बहुत बड़ा योगदान देने वालों और बाद में क्षेत्र का नेतृत्व करने वालों के सम्बंध में कुछ खरी-खरी कहना उनके सम्मान में कमी लाना नहीं है. बल्कि यह बताना है कि राजनीति में यह स... Read more
सोर घाटी की एक अलग ही बात है. सूरज की पहली किरण से लेकर आखिरी किरण पड़ने तक आपको न जाने कितने रंग दिख जायेगी सोर घाटी. सर्दियों की अलसाई धूप में आप अपना पूरा दिन इस घाटी के किसी भी कोने में ब... Read more
बात स्वराज आश्रम से चल कर आजादी के दीवानों की हो रही थी. इसी क्रम में वर्तमान राजनीति पर चर्चा कर लेना भी गलत न होगा. हल्द्वानी शहर आजादी की लड़ाई के समय से ही कुमाऊॅ मंडल की रानजीति का अखाड... Read more


























