दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्विद्यालय में बीती रात छात्रों और शिक्षकों पर बर्बर हमला हुआ. यह हमला नकाबपोश गुंडों के एक दल द्वारा किया गया. हमले के बारे में विभिन्न गुटों में मतभिन्नता बनी ह... Read more
मामू कबाड़ी बस इतना ही परिचय काफी है इनका. मामू कबाड़ी को नैनीताल का हर बाशिंदा जानता है. कबाड़ बेचकर लोगों के बीच इतनी लोकप्रियता बटोरने के पीछे किताबों के प्रति उनका लगाव है. इसी की बदौलत... Read more
उत्तराखंड में अनाज की माप के पारंपरिक बर्तन
ताँबे के बर्तन में रखा पानी शुद्धता और स्वाद के लिहाज से सबसे अच्छा माना जाता. वहीं लोहे की कढ़ाई साग पात, जौला, भटिया झोली बनाने में रोज ही काम में लायी जाती. बर्तन को पोछ कर खाने की होड़ भ... Read more
जिस तरीके से आजकल सोशल मीडिया पर लगातार कांग्रेस के बड़े नेताओं के बयान आ रहे हैं उसको देखकर ऐसा ही लग रहा है 2022 में उत्तराखंड विधानसभा चुनाव होने हैं उससे पहले कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई ख... Read more
पहाड़ में पेड़-पौधों के रेशों से बनने वाले उत्पाद
पहाड़ में अनेक पेड़-पौंधों से रेशा निकला जाता जिनमें रामबांस, भाँग, बबिला, मालू, मूँज, मोथा, अल, उदाल, धान का पुवाल, गेहूं का नलौ, कुचिया बाजुर, यूका, थाकल मुख्य थे. भाँग के रेशों से खूब नरम... Read more
नैनीताल में अभी-अभी हुई बर्फ़बारी की तस्वीरें
नैनीताल अपनी सुंदरता के लिये विश्वविख्यात है. बर्फ़बारी के बाद इसकी सुन्दरता और भी बढ़ जाती है. पिछले कुछ दिनों से कुमाऊं में हो रही बर्फ़बारी के बाद आज नैनीताल में भी बर्फ़बारी हुई. Snowfall 20... Read more
हमारी नियमित लेखिका गीता गैरोला ने आपको अनेक मनभावन कहानियां सुनाई हैं. हाल ही में हमने उनकी मशहूर किताब ‘मल्यो की डार’ के एक अध्याय को हरिद्वार में रहने वाली स्मिता कर्नाटक की आवाज़ में सुन... Read more
दिल्ली पहुँचते ही सबसे पहले लोकतंत्र में अपने हक़ों की लड़ाई की उस ख़ूबसूरत तस्वीर को देखने शाहीन बाग आया हूँ जिसके बूते किसी भी लोकतांत्रिक देश का वजूद टिका रहता है. जैसे-जैसे शाम ढल रही है... Read more
चांचड़ी: उत्तराखंडी लोकसंस्कृति की रीढ़
मनुष्य का समभाव होना बुद्धत्व को प्राप्त कर लेना है. निर्वाण प्राप्त करना है, जिसमें जाति-धर्म, ऊंच-नीच, अगड़ा-पिछड़ा, महिला-पुरुष छोटा-बड़ा सवर्ण-दलित कुछ नहीं रहता, मात्र मनुष्य होना हो जा... Read more
तिजोरी से कम राज नहीं हैं आमा के भकार में
पहाड़ों में ज्यादा मात्रा में अनाज को भकार में रखा जाता. तुन, चीड़ और देवदार के तख्तों या पटलों से भकार बनाये जाते. इसमें कई खाने बना दिये जाते और हर खाने में अनाज की अलग-अलग किस्म रख कर लकड... Read more
























