आज है लोकपर्व ‘खतड़ुवा’: मान्यता और मिथक
अमरकोश पढ़ी, इतिहास पन्ना पलटीं,खतड़सिंग नि मिल,गैड़ नि मिल.कथ्यार पुछिन, पुछ्यार पुछिन, गणत करै,जागर लगै,बैसि भैट्य़ुं, रमौल सुणों,भारत सुणों,खतड़सिंग नि मिल, गैड़ नि मिल.स्याल्दे-बिखौती गय... Read more
अल्मोड़े में नंदा देवी मेले की झलकियाँ
नंदा देवी अल्मोड़ा का मेला इन दिनों बड़ी संख्या में लोगों को आकर्षित कर रहा है. अल्मोड़ा की लाला बाज़ार में घुसते ही आप को मेले का अहसास होने लग जाता है, यहां से नंदा देवी मंदिर तक आप मेले क... Read more
नंदा के लोग! आस्था ,श्रद्धा और संस्कृति के संगम को अनुभव करना हो तो उत्तराखण्ड के नंदा देवी मेलों में और नंदा जातों (यात्राओं) में डुबकी लगाना और उन्हें दिल से महसूस करना चाहिए. लोगों का उत्... Read more
ताकि लूट सकें आप जिंदगी का जादुई खजाना
वैदिक काल में बड़े-बड़े ऋषि-मुनि, ज्ञानी और तपस्वी हुए, जिन्होंने अनूठे ढंग से साधना की और अलग-अलग विद्याओं में निपुण हुए. रामायण, महाभारत में हमें एक से बड़े एक योद्धा मिलते हैं. वे ब्रह्म... Read more
इस बात की चर्चा अब बेकार है कि कितनी उम्मीदों के साथ रामगढ़ की महादेवी वर्मा के मीरा कुटीर को संग्रहालय बनाया गया था. चलिए, जो बीत गया, सो बात गई. रामगढ़ में ही एक और जगह है: टाइगर टॉप, जिसक... Read more
हनोल स्थित ‘महासू देवता’ का मंदिर: फोटो निबंध
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद मुख्यालय से लगभग 150 किलोमीटर दूर हनोल में स्थित है महासू देवता का मंदिर. हिमाचल बॉर्डर के पास स्थित इस मंदिर पर न सिर्फ उत्तराखंड के जौनपुर-बावर व रवांई घाटी के... Read more
ईट और सरियों से बने मकान अब पहाड़ में आम हो चले हैं. आपसी प्रेम से बनने वाले पारम्परिक घरों की जगह अब मजबूत दीवारों वाले मकानों ने ले ली है. संबंधों से चलने वाले पहाड़ में बने इन नये मकानों... Read more
देहरादून का अफगान कनेक्शन
देहरादून और अफगानिस्तान का संबंध पहले आंग्ल-अफगान युद्ध से जुड़ा है. इस युद्ध के बाद अमीर दोस्त मोहम्मद खान (अफगानिस्तान के अमीर) को अंग्रेजों ने निर्वासित कर देहरादून भेज दिया था. अपने निर्... Read more
मेरा पैतृक गाँव ब्रिटिश अल्मोड़ा के दक्षिण-पूर्व में स्थित एक छोटा-सा गाँव है, ‘छानगों’; मगर शुरू से ही इसे ‘छानागाँव’ नाम से पुकारा जाता है. यह गलती इतनी बार दुहराई जाती रही है कि गलत शब्द... Read more
उत्तराखंड के इतिहास में 6 सितम्बर का महत्व
गो-बेक मेलकम हैली, भारत माता की जयहाथ में तिरंगा उठा, नारे भी गूंज उठे,भाग चला, लाट निज साथियों की रेल में,जनता-पुलिस मध्य, शेर यहां घेर लिया,वीर जयानन्द, चला पौड़ी वाली जेल में. शान्तिप्रका... Read more
























