नाम ही नहीं ‘मिडिल नेम’ में भी बहुत कुछ रखा है !
नाम को तोड़-मरोड़ कर बोलना प्रत्येक लोकसंस्कृति की खूबी रही है. राम या रमेश को रमुवा, हरीश को हरूवा, सुरेश को सुरिया. ये नाम केवल लोकव्यवहार में प्रचलित थे, इनमें एक स्नेह एवं अपनत्व की भावन... Read more
उत्तराखंड सरकार ने कृषि भूमि पर निर्माण व भूमि उपयोग संबंधित पूर्ववर्ती नीति में फेरबदल किया है. यह निर्णय लिया गया कि अब कृषि भूमि पर पर्यटन/रिसोर्ट आदि के निर्माण को भूमि उपयोग परिवर्तन के... Read more
विश्व के लगभग हर महाद्वीप में ऐसे व्यक्ति पाए जाते हैं जिन्हें बीमारी, संकट और मानसिक असंतुलन से निपटने का विशेष अधिकार दिया जाता है. मानवशास्त्र में इन्हें सामान्यतः शामन कहा जाता है. साइबे... Read more
आज की तेज रफ्तार जिंदगी में इंसान सबसे ज्यादा जिस चीज से दूर होता जा रहा है, वह है शांति. दिन भर की भागदौड़, काम का दबाव, आर्थिक चिंताएं और लगातार शोर हमारे मन को थका देता है.... Read more
क्या हैं जलवायु शरणार्थी?
हिमालय, पलायन और उत्तराखंड के भविष्य की चेतावनी पलायन कोई नया शब्द नहीं है; सभ्यताओं का इतिहास ही दरअसल मनुष्य के स्थानांतरण का इतिहास है; कभी भोजन की तलाश में, कभी सुरक्षा के... Read more
सियार और बाघिन: आदर्श पति की कहानी
बहुत समय पहले, पहाड़ों और जंगलों से घिरे एक इलाके में एक शक्तिशाली बाघ और उसकी बाघिन अपने तीन बच्चों के साथ रहते थे. बाघ पूरे जंगल में अपने साहस और बल के लिए प्रसिद्ध था. सभी जानवर उसका... Read more
क्या चौड़ी सड़कें हिमालय के लिए बेहतर हैं?
हिमालय में रहना कभी आसान नहीं रहा, लेकिन यह भी सच है कि यहाँ रहने वाले लोगों ने कभी इसे आसान बनाने की ज़िद नहीं की. उन्होंने पहाड़ को बदलने की बजाय खुद को उसके अनुसार ढाला. शायद इसी कार... Read more
क्या आप जानते हैं कि मानसरोवर झील का उल्लेख हमारे प्राचीन ग्रंथों में कितनी बार और किन-किन संदर्भों में आता है? क्या यह केवल एक भौगोलिक झील है, या भारतीय परंपरा में इसका अर्थ कुछ और भी है? औ... Read more
इन्सानों के नाम भले मता-पिता अपनी मर्जी के अनुसार कुछ भी रख लें, यह आप पर निर्भर है. यहां तक कि कभी-कभी उन नामों का कोई सार्थक शब्द तक नहीं बनता. लेकिन जगहों के नाम व्यक्ति विशेष द्वारा नहीं... Read more
‘…कैंजा (मौसी) ने हमारे कीचड़-मिट्टी से सने कपड़े एक टब में भिगोकर छिपला की मिट्टी का पवित्र घोल बना लिया है और उसे लोटे से गोमूत्र की भांति खेतों में लहलहाती फसल में उलीच रही है... Read more



























