पहली बार उनका नाम प्रोफेसर श्योराज सिंह बेचैन से सुना था कि बाबा साहेब आंबेडकर की पत्रकारिता पर उनके रिसर्च के गाइड वीरेन डंगवाल थे. फिर जीवन में वीरेन दा लगातार आते चले गए. उनकी कविताएँ आईं... Read more
राज्यसभा में आज गृहमंत्री अमित साह ने संविधान के अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35 ‘ए’ को हटाने संबंधी प्रस्ताव रखा. प्रस्ताव में लद्दाख को जम्मू कश्मीर से अलग करने का प्रावधान रखा गया... Read more
हर कवि की एक मूल संवेदना होती है जिसके इर्द-गिर्द उसके तमाम अनुभव सक्रिय रहते हैं. इस तरह देखें तो वीरेन के काव्य व्यक्तित्व की बुनियादी भावना प्रेम है. ऐसा प्रेम किसी भी अमानुषिकता और अन्या... Read more
बिटिया कैसे साध लेती है इन आँसुओं को तू
कहने को तो वीरेन डंगवाल हिंदी के एम.ए.पीएच.डी और लोकप्रिय, बढ़िया प्राध्यापक थे, एक बड़े दैनिक के सम्पादक भी रहे, लेकिन इस सब से जो एक चश्मुट छद्म-गंभीर छवि उभरती है उससे वह अपने जीवन और कृत... Read more
वीरेन डंगवाल (5 अगस्त 1947 – 27 सितम्बर 2014) समकालीन हिन्दी कविता के सबसे लोकप्रिय कवियों में गिने जाते हैं. साहित्य अकादेमी पुरस्कार विजेता इस कवि के तीन कविता संग्रह – ‘इसी दुनिया में’, ‘... Read more
पहाड़ और मेरा जीवन -44 पिछली क़िस्त : पहाड़ों में पैदल चलने के बिना जिंदगी का जायका ही क्या जो लोग पिथौरागढ़ से जुड़े हैं और जिनकी पत्रकारिता में थोड़ी बहुत दिलचस्पी है, वे बद्रीदत्त कसनियाल... Read more
शिव की अति प्यारी विजया
विजया अर्थात संस्कृत में भंगा, मदकारिणी, मादनी, बंगाली में सिद्धि भांग, फ़ारसी में कनब, बंग,अरबी में किन्नाब व मराठी, गुजराती व हिंदी में भांग तो अंग्रेजी में Indian Hemp कही जाती है. इ... Read more
शिक्षकों की मांग को लेकर पिथौरागढ़ के सैणराथी में 86 वर्ष के वृद्ध के साथ 9 लोग आमरण अनशन पर
प्रदेश के विद्यालयों में नया शिक्षण सत्र शुरू हो चुका है, पर पढ़ाने को शिक्षक नहीं हैं. कुछ दिन पूर्व ही पिथौरागढ़ के होकरा गांव में शिक्षा, सड़क और संचार जैसी मूलभूत मांगों को लेकर 83 लोग आ... Read more
उनके बड़े भाई बताते थे कि आभास को बचपन में बड़ी बुरी चोट लग गयी थी पैर में.घाव से बेइंतहा दर्द हुआ. तीन चार दिन तक वो मुसलसल रोते ही रहे. मौजिज़ा कहिए या जो आप चाहें मगर इसका नतीजा ये हुआ कि... Read more
ओ पवन वेग से उड़ने वाले घोड़े
ओ पवन वेग से उड़ने वाले घोड़े… ओ पवन वेग से उड़ने वाले घोड़े तुझपे सवार है जो, मेरा सुहाग है वो रखियो रे आज उनकी लाज… तेरे कंधों पर आज भार है मेवाड़ का करना पड़ेगा तुझको सामना पहाड़ का हल्दीघ... Read more


























