कोई लौटा दे मेरे बीते हुए दिन @ ओल्ड इज गोल्ड.
दूरदर्शन के जमाने के दर्शक पुराना जिक्र छिड़ते ही, यकायक अतीत-मोह से घिर आते हैं. एकदम भावुक से हो उठते हैं. अपने पक्ष-समर्थन में इस दावे पर उतर आते हैं- अस्सी-नब्बे के दशक की पीढ़ी, सबसे खु... Read more
उत्तराखण्ड की सामाजिक कुरीति है छूत
फर्ज कीजिये आप परेशानी में हैं, दर्द से कराह रहे हैं और रक्त का स्राव हो रहा है. ऐसे हालात में आप पहली उम्मीद क्या करेंगे? यकीनन कोई आपको डॉक्टर के पास ले जाए और सबसे महत्वपूर्ण, इस मुश्किल... Read more
उत्तराखण्ड के पारंपरिक वाद्ययंत्रों, ढोल-दमाऊ, डौंर-थाली, मसकबीन, की धुन पर लोकभाषा में स्कूली वंदना की कल्पना गढ़वाल में साकार हो रही है. (Garhwali Saraswati Vandana Pauri) उत्तराखण्ड के पौ... Read more
पिथौरागढ़ की डीडीहाट तहसील में एक गांव है मड़. डीडीहाट से 15 किमी की दूरी पर चौबाटी क़स्बा है यहां मोटर मार्ग से करीब ढाई किमी की दूरी पर सूर्य का मंदिर है. Sun Temple in Pithoragarh यह सूर्य क... Read more
उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में जाड़ों के दिनों में पाला सड़क हादसों की प्रमुख वजह बनता है. आज सड़क के पाले में गाडी फिसलने की वजह से भाजपा संसद और प्रदेश भाजपा नेता अजय भट्ट का वहां दुर... Read more
गंगोत्री गर्ब्याल की आत्मकथा ‘यादें’ की भूमिका में-डा. आर.एस.टोलिया के लिखा है – ‘‘प्रसिद्ध इतिहासविद् डा. शिव प्रसाद डबराल ने ‘उत्तराखंड के भोटांतिक’ पुस्तक में लिखा है कि यदि प्रत्ये... Read more
मशहूर टीवी एंकर थीं दुर्घटना में विमल जी के साथ मारी गयी उनकी बेटी कनुप्रिया
श्रीलंका में गाले से कोलम्बो जाते समय प्रसिद्ध साहित्यकार गंगा प्रसाद विमल की एक सड़क दुर्घटना में हुई मृत्यु का एक और दुखद आयाम यह है कि उनके साथ उनकी पुत्री कनुप्रिया और पौत्र श्रेयस का भी... Read more
मानवीय बसावत में जीवन के कई रंग दिखाई देते हैं. ये बात अलग है कि कुछ रंगों को हम अपनी सुविधा से सामाजिक मान-प्रतिष्ठा देकर तथाकथित बड़ा बना देते हैं. और कुछ सामाजिक जीवन में बिखरे-गुमनाम से... Read more
कितना कठिन है सुदूर घाटी के कुमाऊनी गाँवों में इन दिनों जीवन – तरदा की आपबीती
बीते दिन पिंडर घाटी के अंतिम गांव खाती के तारा सिंह उर्फ तरदा से मुलाकात हुई. वे अपनी बिटिया को कॉलेज पहुंचाने के लिए बागेश्वर तक आए थे. “क्या हाल हैं गांव के” – पूछने पर मायूस हो वे ग... Read more
उत्तराखंड के छोटे से गांव से दुनिया के सबसे बड़े साहित्यिक मंचों तक प्रो. गंगाप्रसाद विमल का सफ़र
दो साल पहले अपनी पत्नी मंजुला के हिंदी में शोध साक्षात्कार में प्रोफ़ेसर गंगाप्रसाद विमल के आने की खबर डी एस बी कैंपस में हिंदी विभाग की मुखिया बहिन नीरजा टंडन ने फ़ोन कर बताई तो में उनसे मि... Read more


























