अरे! तुम तो एक हफ्ते में निबटा देने वाले ठैरे ‘वैलन्टाइन डे’ का जश्न, हमारे टैम पर तो सालों भी लग जाने वाले हुए ‘वैलेन्टाइन डे’ के इन्तजार में. किसम-किसम की सेरेमनी और रिचुवल्स होने वाले हु... Read more
साथियों की त्योरियां चढ़ने पर पंकज मुस्करा दिया. उसने सफाई दी, “अरे! कोर्स में यही सब सिखाया जाता है… क्या पता कब क्या मुसीबत आ जाए… इसलिए यह सब जरूरी होता है… वैसे भ... Read more
शिक्षा की बदहाली के प्रतीक बने, हर मौहल्ले में कुकुरमुत्ते सरीखे उगे प्ले स्कूल के आगे पीछे गुजरते आपने नर्सरी राइम खूब सुनी होगी. बा बा ब्लैक सीप की जो चरस मौहल्ले दर मौहल्ले बोई गयी है उसन... Read more
नत्थू सिंह खरोला उर्फ़ नत्थू कमाण्डिंग के मायने
हमारे गांव में मन्नाण – गांव में सार्वजनिक स्थल अर्थात पंचायती चौक के उत्तर, दक्षिण व पूरब दिशा में आबादी है तथा पश्चिम में सीमेण्ट गारे से बनी हुयी ढालदार छत वाली पानी की टंकी है. यह... Read more
कुमाऊं का पहला सामुदायिक रेडियो ‘कुमाऊं वाणी’ आज वर्ल्ड रेडियो डे के मौके पर 9 साल 11 माह 2 दिन का हो चुका है और अपनी पहचान के जरिये आज दूरस्थ ग्रामीण अंचल तक अपनी पैठ बना चुका है. कुमाऊं की... Read more
भ्वींन को भ्वैन या भ्वैंनी भी कहते हैं. झोड़ा और चांचरी की तरह गाया जाने वाला यह समूह गीत वृत्ताकार घेरे में खड़े होकर गाया जाता है. विषयवस्तु और लय के आधार पर भ्वींन झोड़ों से बहुत अलग है. Tra... Read more
दिल्ली में विधानसभा चुनाव के नतीजों से शायद कोई आश्चर्यचकित हुआ हो, जो इन चुनावों को नज़दीक से कवर कर रहे थे और लोकसभा चुनाव के बाद आम आदमी पार्टी की कार्यशैली और रणनीति पर नज़र रख रहे थे, व... Read more
संगठित लेखक प्रकाशकों पर भारी पड़ते हैं
हालत पाठकों की भी कुछ कम ख़राब नहीं थी. शर्मा जी के बारे में पता चला कि पुस्तक मेले से लौट कर उन्हें साँस लेने में तकलीफ़ है, तो मैं देखने चला गया. (Satire by Priy Abhishek) बिस्तर पर लेटे-ल... Read more
गुंजी से निकलते-निकलते आठ बज गए. आगे लंबे मैदान में एक जगह एक शिलापट्ट स्थापित था. ऐसा लग रहा था शायद यह तिब्बती भाषा में लिखा होगा. गुंजी में कुछ नौजवान मिले, जो तिब्बत के तकलाकोट कस्बे में... Read more
गर्ब्यांग से गुंजी गांव की यात्रा
दोपहर को फिर घूमने का मन हुआ तो गर्ब्यांग गांव से आगे काली नदी की ओर निकल गए. काली नदी में बना एक पैदल पुल बना दिखाई दे रहा था. नदी पार नेपाल में कुछ झुग्गियां दिख रही थी. सांझ होने लगी तो व... Read more


























