बचपन में दशहरा द्वारपत्र बनाने की ख़ुशगवार याद
जब हम छोटी कक्षाओं के छात्र हुआ करते और बड़े भाई जो घर के मुखिया भी थे, पुरोहिती का कार्य करते थे. उस दौर में दशहरा द्वार पत्र मुद्रित रूप में नहीं हुआ करते थे, अगर होते भी होंगे तो बड़े महा... Read more
ट्रेलर देखने के बाद से ही फिल्म का इंतजार शुरु था. इस फिल्म के बारे में पढ़ने से पहले यह जान लें कि लेख में पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण से संबंधित कुछ तकनीकी शब्दों का प्रयोग किया गया है. इ... Read more
उत्तराखण्ड: यहाँ हर दिन है नवजात
उत्तराखण्ड का गढ़वाल-कुमाऊं दुनिया का शायद एकमात्र ऐसा भूभाग है जहाँ हर रात्रि सद्यःप्रसूता होती है और हर दिन नवजात शिशु. जी हाँ, यहाँ रात ब्याती है और दिन जन्म लेता है इस तरह हुआ न हर दिन न... Read more
उत्तराखंड में मानसून ने दो हफ़्ते पहले ही दस्तक दे दी है. मौसम का मिजाज ग्रीष्म ऋतु के इन पूरे महीनों में बदला रहा. जहाँ एक ओर पहाड़ के ऊपरी हिस्सों में बर्फबारी के साथ-साथ लगातार बारिश हो र... Read more
देश के सबसे बड़े चैम्पियन एथलीट को श्रद्धान्जलि
विभाजन की त्रासद हिंसा में मिल्खा सिंह के माता-पिता, एक सगी बहन और दो सगे भाई मार डाले गए थे. पाकिस्तान से भाग कर दिल्ली पहुंचे मिल्खा कुछ दिन अपनी बहन के घर रहे. उसके बाद उन्होंने रेलवे प्ल... Read more
सीमांत हिमालय के अनवाल
गोरा रंग पीला पड़ा हुआ. धूप में तपा भी, ठंड से सिकुड़ा भी. हवा के थपेड़ों से सिर में भूरे बाल आपस में उलझे. छोटी तिरछी भूरी आँखें हैं.उभरी हुई दिखती भूरी पलकें. चौड़ाई लिया माथा जिन पर कई लक... Read more
आज मैं आपके साथ ऐसा वाकया साझा कर रहा हूँ जिसके बाद भगवान के प्रति मेरी आस्था को और बल मिला. इस दिन मुझे किस्से-कहानियों में सुनी बातों को अपनी आँखों के सामने चरिथार्थ होते हुए देखने का मौक़... Read more
सिंगड़ुवा तु बता धैं!
सुराव (पैजामे) के अंदर पैंट की तरह कुर्ता खोसना और पैजामे का नाड़ा नब्बे डिग्री पर बाहर झूलता छोड़ देना उनके पहनावे की विशिष्ट पहचान थी. क्लास में इंट्री के समय एक हाथ में पय की पतली टहनी का... Read more
आज इंटरनेट पर उत्तराखंड की जानकारी से जुड़े सैकड़ों पोर्टल हैं. इन सभी पोर्टल में सबसे पुराने और विश्वसनीय पोर्टल का नाम ‘मेरा पहाड़ डॉट कॉम‘. एक दशक से अधिक समय से चल रहे इस पोर... Read more
पहाड़ की एक माई जो नशे के कारोबार को मिट्टी तेल से स्वाहा कर कहलाई ‘टिंचरी माई’
उत्तराखंड में नशे का कारोबार हमेशा से एक चुनौती रही है. पहाड़ों में ऐसा कोई गांव न होगा जहां नशे के कारण बरबाद एक परिवार न हो. पहाड़ों में नशे के विरोध में सबसे अधिक संघर्ष किसी ने किया है त... Read more


























