तुम खुद ही कामना जगाते हो, खुद ही परेशान होते हो
कुछ लोगों को यह अजीब और असत्य लगेगा, पर सच यही है कि हमारे साथ जो भी होता है, उसके लिए सिर्फ और सिर्फ हम ही जिम्मेदार होते हैं. हमें यह इसलिए अजीब लग सकता है, क्योंकि वास्तविकता को लेकर अमूम... Read more
मिले सुर मेरा तुम्हारा…
संगीत का जादू सर चढ़कर बोलता है लोक का जादुई प्रभाव होता है. इन कथनों की सच्चाई दूरदर्शन के एक विज्ञापन-गीत के जरिए समझ में आई. तत्कालीन सरकार ने तय किया कि देश को विविधता में एकता विषय पर... Read more
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर उत्तराखण्ड के विश्वविख्यात पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणा को भारत रत्न देने की मांग की है. इससे पहले दिल्ली सरकार द्वारा दिल... Read more
उत्तराखंड में आज बड़ी धूम से लोकपर्व हरेला मनाया गया. हरेला पर्व की के दिन जहां दिन भर जगह-जगह वृक्षारोपण के कार्यक्रम हुये वहीं सोर घाटी में हरेला सोसायटी के युवा पारम्परिक अंदाज में लोकपर्... Read more
पिछले सप्ताह हरेला सोसायटी द्वारा अपनी एक गतिविधि ‘हरेला पर लिखो और उपहार पाओ’ के तहत निबंध आमंत्रित किये गये थे. निबंध का विषय ‘हरेला लोकपर्व का पर्यावरण से संबंध’ था. विभिन्न माध्यमों से इ... Read more
पोस्टमैन : शैलेश मटियानी की कहानी
लिफाफे के बाहर पता यों लिखा हुआ था :सोसती सिरी सरबोपमा – सिरीमान ठाकुर जसोतसिंह नेगी, गाँव प्रधान – कमस्यारी गाँव में, बड़े पटबाँगणवाला मकान, खुमानी के बोट के पास पता ऊपर लिखा, प... Read more
हम जब कॉलेज में थे तो एक बार पिकनिक में सातताल गये. धूपचैड़ से आगे बढ़ते ही ऊँचाई से घने बांज के जंगलों के बीच गहराई में बसी झील का जो पहला दृश्य मैंने देखा वह मेरी स्मृति में अभी तक बसा है.... Read more
प्यारे शहर देहरादून का एक किस्सा
मेरे लिए यादों का एक शहर. कई वर्षों बाद आज यहां लौटना हुआ. इसे लौटना भी क्या कहूँ? बस ये वापसी कुछ दिनों की थी. कुछ काम निपटाकर फिर वापस लौट जाना था. आज की मुलाक़ातों का सिलसिला ख़त्म कर लौट... Read more
आज पारम्परिक पकवानों की सुंगध बिखरेगी पहाड़ों में
आज उत्तराखंड का लोक पर्व हरेला है. आज की सुबह हरेला काटे जाने के बाद सबसे पहले अपने इष्टदेव के मंदिर में चढ़ता है साथ में चढ़ते हैं पारम्परिक पकवान. उसके बाद घर के बुजुर्ग हरेला लगाने के शुर... Read more
मित्र वही जो विपत्ति में काम आये
ज़रूरत में काम आने वाला दोस्त ही सच्चा दोस्त होता है इस मुहावरे का असली अर्थ सही मायनों में मुझे इस घटना के द्वारा ही पता चला. (Memoirs of Corbett Park by Deep Rajwa हुआ यूँ कि एक दिन जंगल स... Read more


























