पिथौरागढ़ नगर से जुड़े कुछ रोचक पहलू
पिथौरागढ़ का मुख्य बाजार पुराना बाजार था जो शिवालय मंदिर से प्रारंभ होकर नेहरु चौक तक की सीढियों तक था. इसमें मुख्य रूप से पपदेऊ और पितरौटा के स्वर्णकारों की दुकान, शाह एवं खत्रीयों की मिठाई... Read more
इस वजह से ‘गिनीज बुक’ में दर्ज है चम्पावत का नाम
इस बात के विषय में कम लोगों को ही जानकारी है कि चम्पावत जिले का नाम गिनीज बुक ऑफ़ रिकार्ड में दर्ज है. गिनीज बुक ऑफ़ रिकार्ड की ऑफिशियल वेबसाईट पर यह रिकार्ड आज भी देखा जा सकता है. बात 1900... Read more
असल पहाड़ी ही जानता है भांग के ऐसे गुण
आज बात हो जाय भांग की और भांग के उस पक्ष की जिसे पहाड़ी आदमी तो बखूबी समझता, जानता है पर मैदानी लोगों के लिए नया है. अक्सर भांग को एक नशा करने वाली चीज ही समझा जाता है. पर भांग तो पहाड़ की ए... Read more
देश की सेना के शौर्य परम्परा की गौरवपूर्ण गाथा में 16 दिसम्बर 1971 का दिन स्वर्णाक्षरों में अंकित हो गया, जब देश के रणबांकुरों ने सीमाओं पर दुश्मन के दांत खट्टे कर इतिहास रच डाला. विश्व के... Read more
कृश्न चंदर की कहानी : जामुन का पेड़
रात को बड़े ज़ोर का झक्कड़ (आंधी) चला. सेक्रेटेरियट के लाॅन में जामुन का एक दरख़्त गिर पड़ा. सुबह जब माली ने देखा तो इसे मालूम पड़ा कि दरख़्त के नीचे एक आदमी दबा पड़ा है. (krishan Chanders S... Read more
उत्तराखंड की पहली प्रकाशक बिटिया
अप्रत्याशित खबर की तरह हिंदी समाज की जुबान पर ‘दून लिटरेचर फेस्टिबल 2016’ छा गया. मुख्य परिकल्पना उत्तराखंड की दो बेटियों – गीता गैरोला और रानू बिष्ट – की थी जिनके कारोबारी हाथों के रूप में... Read more
200 साल पहले ऐसा दिखता था चम्पावत
कुमाऊं के सबसे पुराने शहरों में एक शहर है चम्पावत. काली कुमाऊं की राजधानी के रूप में जाना जाने वाला यह शहर हमेशा से इस क्षेत्र की राजनीति के केंद्र में रहा. चम्पावत के किले और शहर की यह पेंट... Read more
वकील साहब आज भी कोई दलील नहीं सुनते!
‘आज फिर उधार करना पड़ा बेटा’… उनकी आवाज़ में कुछ बूँदें थीं. फोन पर एक घरघराहट थी जो निस्संदेह फोन की नहीं थी.वकील साहब फोन पर कम ही बात करते थे. (Story by Amit Srivastava)... Read more
ये लीजिए आपके लिए हेल्थ इन्वेस्टमेंट प्लान!
इन दिनों लगभग हर व्यक्ति ने कोई न कोई एसआईपी (SIP) यानी सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान लिया हुआ है. हर बैंक और वित्तीय संस्थानों के अपने-अपने प्लान है. आदमी सारी गणनाओं के बाद कि उसे कहां से... Read more
माना जाता है कि मार्गशीर्ष महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन भगवान कृष्ण ने अर्जुन के माध्यम से इस संसार को गीता के उपदेश दिये थे. इसी कारण इस दिन को गीता जयंती के रूप में देशभर में मनाया... Read more


























