चिपको एवं गांधीवादी विचारों की प्रयोगशाला के रूप में अपनी अन्तराष्ट्रीय पहचान बनाने वाले स्वर्गीय सुंदरलाल बहुगुणा के एक सक्रिय राजनीतिज्ञ से समर्पित गांधीवादी चिंतक और कर्म योगी बनने की कहा... Read more
गंगा के अविरल प्रवाह के लिए संघर्षरत ऋषि ने उसी के दक्षिणी तट पर प्राणों की पूर्णाहुति के साथ अपने जीवन को विराम दिया. 95 वर्षीय पर्यावरण संत, सुंदर लाल बहुगुणा 8 मई 2021 को एम्स ऋषिकेश में... Read more
पर्यावरणविद सुंदर लाल बहुगुणा का निधन
पर्यावरणविद सुंदर लाल बहुगुणा का निधन हो गया. ऋषिकेश एम्स के कोविड आईसीयू वार्ड में भर्ती सुन्दरलाल बहुगुणा के फेफड़ों में संक्रमण पाया गया था. पिछले कुछ दिनों से उनका इलाज ऋषिकेश ईएमएस में... Read more
कुमाऊं के रणबांकुरों की विरासत है छोलिया नृत्य
कुमाऊं की बेजोड़ सांस्कृतिक परम्पराओं व लोककलाओं का अपना समृद्ध इतिहास रहा है. इन लोकपरम्पराओं की जड़ें हमें अपने इतिहास तथा पुरातन समाज की गौरवपूर्ण गाथाओं से भी जोड़ती हैं. कुमाऊं का प्रति... Read more
वनवास, अज्ञातवास और एकांतवास इन तीनों में बहुत समानता है. एक प्रकार से तीनों किसी को हराने के लिए अपने युग की ऊर्जा संचय अवधि हैं. तीनों को पूरा करने के बाद इंसान ‘विजेता’ कहलाता है. तीनों म... Read more
कविता का सच अलग होता है और जीवन का सच अलग होता है
कहते हैं एक ज़माने में भारत में घी दूध की नदियां बहती थीं. इस काव्यात्मक ट्रुथ में यह कहने का प्रयास किया गया है कि जब तक भारत से लूट खसोट नहीं शुरू हुई थी भारत में किसी चीज की कोई कमी नहीं... Read more
शेखर जोशी की कहानी ‘गलता लोहा’
मोहन के पैर अनायास ही शिल्पकार टोले की ओर मुड़ गए. उसके मन के किसी कोने में शायद धनराम लोहार के आफर की वह अनुगूँज शेष थी जिसे वह पिछले तीन-चार दिनों से दुकान की ओर जाते हुए दूर से सुनता रहा... Read more
I had a little birdAnd it’s name was EnzaI opened the windowAnd in flew–Enza (बच्चों के बीच स्पैनिश इन्फ्लूएंजा को लेकर ये एक लोकप्रिय जिंगल.) इतिहास खुद को दुहराता है? इतिहास, खुद को... Read more
कोविड का शिकार होने वाले ज्यादातर लोग ठीक होने के बाद भी कई तरह की तकलीफों की बात कर रहे हैं. उन्हें कमजोरी बहुत ज्यादा हो रही है. कोविड में लंग्स प्रभावित होते हैं. सांस के जरिए आने वाली ऑक... Read more
उत्तराखंड में पूजे जाने वाले नागराजा
उत्तराखंड गढ़वाल मण्डल में ऐसा कोई जनपद नहीं जहां श्री कृष्ण के रूप में पूजे जाने वाले नागों के मंदिर न हों.अनेक वैष्णव मंदिर नागराजा मंदिर और नागराजा मंदिर वैष्णव मंदिर कहे गए जिसका कारण यह... Read more
























