जो काम राज्य सरकार आज करने को कह रही है, अमर सिंह रावत उसे नब्बे साल पहले कर चुके थे
[फेसबुक में उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री के साथ मंत्रीजनों को कंडाली/सिसोंण से बनाई ‘फतकी’ पहने मधुर मुस्कराती फोटो देखी तो मन में आया इस संदर्भ में यह भी बयान कर दूं –... Read more
शाहजहाँ के राज्याभिषेक का समय था भारत के बड़े-बड़े राजा उसके दरबार में नतमस्तक होने गए थे लेकिन गढ़वाल के स्वाभिमानी राजा महीपतिशाह राज्याभिषेक में सम्मिलित न हुए. शाहजहाँ तभी से महीपतिशाह के प... Read more
दुनिया भर के लोगों के लिये एक मिसाल पेश कर रहे हैं पिथौरागढ़ के पातों गांव के लोग
उत्तराखंड के मानचित्र में मुनस्यारी को एक दूरस्थ क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया जाता है. मुनस्यारी मुख्यालय से करीब 25 किमी की दूरी पर एक गांव है पातों. पातों गांव में आज भी सड़क नहीं जाती ह... Read more
पिरूल के व्यावसायिक उपयोग से फायदे ही फायदे
उत्तराखण्ड में 500 से 2200 मीटर की ऊॅचाई पर बहुतायत से पाये जाने वाले चीड़ के पेड़ों की पत्तियों को पिरूल नाम से जाना जाता है. उत्तराखण्ड वन सम्पदा के क्षेत्र में समृद्ध तो है ही, साथ ही चीड... Read more
कत्यूरी राजवंश ने उत्तराखण्ड पर लगभग तीन शताब्दियों तक एकछत्र राज किया. कत्यूरी राजवंश की ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसने अजेय मानी जाने वाली मगध की विजयवाहिनी को घुटने टेक... Read more
पीछे छूटता पहाड़
आम लोगों के संघर्ष, आंदोलन और उनकी शहादत से जन्मा ‘उत्तराखंड’ हमारे देश के राजनैतिक मानचित्र में एक राज्य के रुप में उभरा तो जरुर है परन्तु सामाजिक-आर्थिक दृष्टि से विकसित राज्य... Read more
जोहार सांस्कृतिक वेलफेयर सोसायटी के तत्वाधान में हल्द्वानी में आज से दो दिवसीय जोहार महोत्सव के भव्य आयोजन का शुभारम्भ किया गया. महोत्सव का शुभारंभ हल्द्वानी के मेयर डॉक्टर जोगिंदर रौतेला द्... Read more
कसारदेवी में चार चाँद लगाते पैयाँ के फूल
दुनिया की सबसे खुबसूरत जगहों में एक है कसारदेवी. कसारदेवी अपने हर मौसम में अपने अलग रंग में दिखता है. Cherry Blossom in Kasaradevi इन दिनों अल्मोड़ा के कसारदेवी के जंगलों में चेरी ब्लॉसम की ब... Read more
शौर्य चक्र से सम्मानित भारतीय सेना में सिविल इंजीनियर रहे पंचवटी कुटीर, नैनीताल निवासी शहीद मनोहर दत्त बवाड़ी को सिक्किम में बड़ा सम्मान मिला है. शहीद मनोहर दत्त बवाड़ी के नाम पर एक पुल का न... Read more
[पिछली क़िस्त: हल्द्वानी की सबसे पुरानी संगीत संस्था] नैनीताल में दुर्गालाल साह पुस्तकालय की अलग पहचान है. इस पुस्तकालय की स्थापना 1914 में अंग्रेजों ने की थी. उसी तरह हल्द्वानी मंं 15... Read more


















