19वीं सदी का महान घुमक्कड़-अन्वेषक-सर्वेक्षक पण्डित नैन सिंह रावत (सन् 1830-1895) आज भी ‘‘सैकड़ों पहाड़ी, पठारी तथा रेगिस्तानी स्थानों, दर्रों, झीलों, नदियों, मठों के आसपास खड़ा मिलता है. लन... Read more
प्रसिद्ध समाज सुधारक हरिप्रसाद टम्टा ने सन् 1935 में लिखा कि ‘सन् 1911 में जार्ज पंचम के अल्मोड़ा आगमन पर आयोजित समारोह में उन्हें और अन्य शिल्पकारों को शामिल नहीं होने दिया गया था. मुझे अब... Read more
युवा मन का शेर ‘शमशेर’ : जन्मदिन विशेष
‘आज शाम ठीक 4 बजे चौघानपाटा में… के खिलाफ आम जन की आवाज बुलंद करने के लिए शमशेर बिष्ट एवं उनके साथी एक सभा को संबोधित करेगें.’ रैमजे इंटर कालेज, अल्मोडा के मेन फाटक पर हाथ में छोटा चैलेंजर (... Read more
गंगोत्री गर्ब्याल की आत्मकथा ‘यादें’ की भूमिका में-डा. आर.एस.टोलिया के लिखा है – ‘‘प्रसिद्ध इतिहासविद् डा. शिव प्रसाद डबराल ने ‘उत्तराखंड के भोटांतिक’ पुस्तक में लिखा है कि यदि प्रत्ये... Read more
जो काम राज्य सरकार आज करने को कह रही है, अमर सिंह रावत उसे नब्बे साल पहले कर चुके थे
[फेसबुक में उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री के साथ मंत्रीजनों को कंडाली/सिसोंण से बनाई ‘फतकी’ पहने मधुर मुस्कराती फोटो देखी तो मन में आया इस संदर्भ में यह भी बयान कर दूं –... Read more
बचपन की ओर यात्रा का अनूठा और ऐतिहासिक दस्तावेज है नेत्रसिंह रावत की किताब ‘पत्थर और पानी’
“जोहार में भारत के आखिरी गांव मिलम ने निकट आकर मुझे पहले यह अहसास दिया कि जैसे बस्ती और सभ्यता के चिन्हृ उससे आगे नहीं होंगे. आगे मनुष्य नहीं होंगे … लेकिन चेतना तुरंत इस मनःस्थिति से अलग हो... Read more
100 साल पुराना है धनाई मिष्ठान भण्डार का इतिहास
अल्मोड़ा में खीम सिंह-मोहन सिंह की बालमिठाई, तो श्रीनगर में धनाईजी के पेड़ों का जबा़ब नहीं है. दशकों पहले हनुमान मंदिर में बूंदी का प्रसाद चढ़ाने वाले भक्तों की भीड़ यहां हर शाम दिखती थी. एक... Read more
पिताजी का तबादला अगस्त, 1972 में जोशीमठ से काशीपुर हुआ था. पहाड़ से उतरकर पहली बार प्लेन्स देखा. हर चीज हमारे लिए नयी और अजूबी. रिक्शा, रेलगाड़ी, पिक्चर हाल, सरदार, गन्ना, गोलगप्पे, आइसक्रीम... Read more
ओ गगास! छिन अकास-छिन पताल
अल्मोड़ा से श्रीनगर वाया रानीखेत 22 सितम्बर, 2019 बादलों की गड़गड़ाहट और बारिश की दणमण-दणमण रात भर होती रही. सुबह बारिश तो थम गई, परन्तु कोहरे ने अल्मोड़ा की पहाड़ियों पर कब्जा कर लिया है. क... Read more
एशिया की सुन्दरतम घाटी है सोमेश्वर घाटी
श्रीनगर से अल्मोड़ा वाया सोमेश्वर : एक यात्रा श्रीनगर से अल्मोड़ा की ओर भोर में चले हैं. नींद से जागती हुयी प्रकृति का सौंदर्य और उसमें मानव, पशु-पक्षी और पेड़-पौधों की सुबह-सुबह की हलचल को च... Read more
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