आई भगवान ज्यूनै छन: मातृभाषा दिवस विशेष
पैली जमान में धार्मिक विश्वास आदिमूं लिजी भौत ठुल सहार हुंछी. जब लै कोई प्राकृतिक आपदा उनूंकैं दुखी और परेशान करछी लोगबाग यौ सोचि बेर अपुण मन कैं बोत्याई लिछी कि जो लै करो द्याप्तांल करौ और... Read more
अपने सौवें जन्मदिन पर जब उसने अपना पासपोर्ट रिन्यू कराने भेजा तो पासपोर्ट दफ्तर ने उसकी आयु का हवाला देते हुए पूछा कि वह ऐसा क्यों करना चाहती हैं. उसने जवाब भेजा – “जस्ट इन केस.”(Alexandra D... Read more
हरकुवा गांठी के किस्से
हरक सिंह पुराने बॉडी बिल्डर थे. जन्मजात गुस्सैल थे. बात-बात पर हाथ छोड़ देना उन्हें अच्छा लगता था. दुनिया में कहीं भी, किसी भी समय सार्वजनिक गाली-गुप्ता हो रहा हो या छोटी-बड़ी फौजदारी चल रही... Read more
एक बार यूं हुआ कि टेस्ट खेलते हुए इंडिया की टीम एक ही दिन में दो बार ऑल आउट हो गयी. एक पारी में 58 रन बने एक में 82. क्रिकेट के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था. उसके अगले महीने ऐसा भी लम... Read more
जब पुरुष बन कर दौड़ी बॉबी गिब
बॉबी गिब ने चलना सीखते ही दौड़ना शुरू कर दिया था. उसकी बाकी सहेलियां भी दौड़ा करती थीं लेकिन तेरह-चौदह की आयु तक उन्होंने दौड़ना छोड़ दिया. बॉबी बीस की हुई तब भी दौड़ ही रही थी. जाहिर है उसे... Read more
हल्द्वानी के गट्टू भाई का बाघ से सामना
नई-नई शादी के पंद्रह दिन बाद उस रात गट्टू भाई की अपनी बीवी से पहली लड़ाई हुई. बीवी का लिहाज करने के उद्देश्य से उन्होंने दोस्तों की संगत में नित्य की जाने वाली शराब पार्टियों पर संयमपूर्ण रो... Read more
अल्मोड़े का ठसका
चापलूस-भलेमानुस की छवि बनाए रखना दुकानदारी की पहली शर्त है. एक दुकानदार को सफलता हासिल करने के लिए झूठमूठ हंसने और हेंहें करने की कला को साध लेना होता है. ग्राहक को कूड़ा भिड़ाना कोई आसान का... Read more
सिर्फ बर्फ से ढकी चोटियां हिमालय नहीं होती
हिमालय की पहली स्मृति नर्सरी क्लास की है जब हमें पिकनिक के लिए अल्मोड़े से कौसानी ले जाया गया था. एक बहुत विशाल हिमपुंज के सामने अवाक हो गए तीन-चार बरस के एक दुबले बच्चे की छवि धुंधली याद की... Read more
हमें कभी माफ़ न करना दद्दा ध्यानचंद!
ध्यान चंद की आत्मकथा की प्रस्तावना लिखते हुए मेजर जनरल ए.ए. रुद्रा ने उन्नीस साल के ध्यान चंद को इस तरह याद किया है – “मैं ध्यान चंद को 1924 से जानता हूँ और उस मैच में मौजूद था जब उसे... Read more
अमला शंकर खामोशी से इस दुनिया से विदा हो गईं
अपने होने वाले पति यानी अंतर्राष्ट्रीय ख्याति के नर्तक उदयशंकर से हुई पहली मुलाक़ात को याद करते हुए अमला शंकर ने अपने संस्मरण ‘प्रेम का देवता’ में लिखा है:“जिन-जिन कारणों से विदेशी भूमि में... Read more
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