बच्चों के लिए चिठ्ठी -मंगलेश डबराल प्यारे बच्चो हम तुम्हारे काम नहीं आ सके. तुम चाहते थे हमारा क़ीमती समय तुम्हारे खेलों में व्यतीत हो. तुम चाहते थे हम तुम्हें अपने खेलों में शरीक करें. तुम... Read more
सत्ता का चरित्र नही बदला तो कैसे शहीदों की कुर्बानी से बने उत्तराखंड की नियति बदलेगी?
रामपुर तिराहा कांड को 24 साल हो गए. शहीदों की कुर्बानी से उत्तराखंड बन गया. राज्य में बारी बारी से भाजपा और कांग्रेस राज कर रही हैं. लेकिन आंदोलनकारियों का बर्बर दमन करने वाले पुलिस और प्रशा... Read more
गंगोत्री गर्ब्याल : उत्तराखण्ड की अथक समाजसेवी महिला उत्तराखण्ड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ के धारचूला में साढ़े दस हजार फीट की ऊंचाई पर बसे गर्ब्यांग गांव की गंगोत्री गर्ब्याल शिक्षा के क... Read more
गांधी जयन्ती पर कुछ दुर्लभ कार्टून
गांधी जयन्ती पर इन दुर्लभ कार्टून्स को उपलब्ध करवाया है हमारी स्तंभकार/ फोटोग्राफर विनीता यशस्वी ने. इन्हें बरसों पहले 1970 में अहमदाबाद के नवजीवन प्रकाशन मंदिर द्वारा प्रकाशित पुस्तक... Read more
असमय राग जैजैवंती की मोहिनी तान
एक मनोरंजक कल्पना कीजिए, अगर महात्मा गांधी अहिंसा और सत्याग्रह का प्रवचन करते हुए अपने भक्त लठैतों (तब भी ऐसे भक्तों की कमीं नहीं थी जिनका गांधी के विचार से कोई लेना देना नहीं था बल्कि वे धो... Read more
अच्छे लेखक को कुछ भी बरबाद नहीं कर सकता है
विलियम फॉक्नर का साक्षात्कार अनुवाद : शिवप्रसाद जोशी पेरिस रिव्यू ने विश्व साहित्यकारों के सबसे दुर्लभ साक्षात्कार किये हैं, जिनकी चर्चा 50 सालों के बाद भी जीवित हैं. इनको पढ़ते हुये... Read more
दिल्ली से तुंगनाथ वाया नागनाथ – 4
(पिछली क़िस्त – दिल्ली से तुंगनाथ वाया नागनाथ – 3) हम बातें करते-करते उतरते रहे. गीता महिला समाख्या की जिला निदेशक हैं. उन्होंने नैनीताल जिले के विभिन्न इलाकों में महिलाओं की स्थिति के बारे म... Read more
1937 के आम चुनाव और उत्तराखण्ड
1935 के भारतीय शासन अधिनियम के अंतर्गत सन 1936 ई. में आम चुनाव की तैयारी होने लगी. 1 अगस्त 1936 ई. को नेताओं की अपीलों के साथ चुनाव आन्दोलन का श्रीगणेश हुआ. उसी दिन लोकमान्य तिलक की पुण्य ति... Read more
एवरेस्ट मेरा भगवान है – लवराज सिंह धर्मसक्तू
सात बार एवरेस्ट फतह कर चुके बीएसएफ के असिस्टेंट कमांडेंट पद्मश्री लवराज धर्मसक्तू की कहानी भी किसी चमत्कारिक फिल्मी कथा से कम नहीं है. लवराज धर्मसक्तू का गांव बौना मुनस्यारी से 35 किलोमीटर क... Read more
इंडियन स्पाइसेज़
(1) वो ज़्यादातर चुप रहता था. इसके बारे में निश्चित रूप से कुछ कहा नहीं जा सकता था किउसकी आदत कम बोलने की थी या उसे ज्यादा बोलना पसंद नहीं था . एक बात जो काफी भरोसे के साथ कही जा सकती थी कि उ... Read more


























