भटकने का अपना सुख है
माचिस की डिबिया -संजय व्यास तीली माचिस की हरेक तीली की नोक पर पिछले दस हज़ार सालों का इतिहास दर्ज़ है. उस नोक की एक रगड़ से उत्पन्न आग इंसान की पैदा की गयी पहली आग की स्मृति है.और ये सिर्फ उ... Read more
प्रेम से ज्यादा कमिटमेंट मांगती है जिंदगी
कृष्ण को राधा से प्यार था, लेकिन जब वे गोकुल छोड़कर गए तो फिर लौटकर नहीं आए. बाद में उन्होंने बहुत सी शादियां कीं और आठ तो उनकी पटरानियां थीं. राधा का नाम उनकी ब्याहताओं में नहीं था, न ही इस... Read more
युवा फ़िल्मकार शेफाली भूषण पिछले दो दशकों से अपनी वेबसाइट ‘द बीट ऑफ़ इंडिया’ के जरिये दूर-दराज के लोक गायकों को मंच मुहैय्या करवाने का महत्वपूर्ण काम कर रही हैं. उनकी पहली हिंदी फीचर फ़िल्म ‘जु... Read more
माँ पर नहीं लिख सकता कविता
चन्द्रकान्त देवताले 7 नवंबर 1936 को जौलखेड़ा, बैतूल (मध्य प्रदेश) में जन्मे चन्द्रकांत देवताले समकालीन हिन्दी कविता के सबसे बड़े हस्ताक्षरों में से थे. उन्होंने अपने कार्य के लिए साहित... Read more
हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने – 22
सन् 60-70 के दशक में साम्यवादी विचारधारा के नाम पर बहुत से पाजी लोगों का जमघट मैंने यहां देखा. वे काम बिल्कुल नहीं करना चाहते थे और कहते थे कि पूंजीपतियों की सम्पत्ति बांट ली जानी चाहिए. वे... Read more
पहाड़ और मेरा बचपन – 5
पिछली क़िस्त – पहाड़ और मेरा बचपन – 4 गांव में उन बहुत बचपन के दिनों के बाद मुझे दिल्ली के दिन याद आते हैं. पर दिल्ली का बचपन विषय से बाहर का मामला हो गया. लेकिन अगर उस बचपन के बारे में... Read more
अक्लमंद सियार की कहानी
अफ्रीकी लोक कथाएँ – 8 “सुनो, सुनो, सुनो, मेरे बच्चो,” एक शाम गोगो ने बोलना शुरू किया. “जानते हो न, अक्लमंद होना बहुत ज़रूरी होता है! याद नहीं अक्लमंदी के कारण कितनी दफ़ा नोग्वाजा मरते मरते ब... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 8
पिथौरागढ़ में रहने वाले बसंत कुमार भट्ट सत्तर और अस्सी के दशक में राष्ट्रीय समाचारपत्रों में ऋतुराज के उपनाम से लगातार रचनाएं करते थे. वे नैनीताल के प्रतिष्ठित विद्यालय बिड़ला विद्या मंदिर में... Read more
गंगा की धारा और लोगों की ज़िंदगियां
गंगा के उद्गम गोमुख और गंगोत्री से कुछ किलोमीटर नीचे उत्तरकाशी की तरफ़ यानी डाउनस्ट्रीम, तीन अहम जलबिजली परियोजनाएं थीं. केंद्र की लोहारी नागपाला और राज्य सरकार की पालामनेरी और भैरोंघाटी. लो... Read more



























रेडियो पर पहली लाइव क्रिकेट कमेंट्री एक पादरी ने की थी
बीबीसी को इस क्षेत्र में पायनियर का दर्ज़ा इस लिहाज़ से हासिल है कि 14 मई 1927 को चर्च में भाषण दे रहे एक पादरी महोदय से रेडियो पर लाइव क्रिकेट कमेंट्री करने का निवेदन किया गया. इंग्लैण्ड के ल... Read more