भगवान तुलसीदास गलत नहीं लिख सकते
बुआजी के एक विधुर जेठ थे, जिन्हें घर के सब लोग ‘बड़े बाबजी’ पुकारते थे. मझोले कद के बड़े बाबजी एक गुस्सैल अधेड़ थे, जिनकी भौंहें हमेशा तनी रहती और बिना बात गुस्सा करना उनका शगल था. कभी असावधानी... Read more
पार्श्वगायक मुकेश ने हिंदी सिनेमा को एक-से-एक नायाब नगमे दिए. उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड तो कई मिले (चार बार), लेकिन राष्ट्रीय अवार्ड हासिल नहीं हुआ. एकमात्र राष्ट्रीय अवार्ड जो उनके हिस्से आया... Read more
उत्तराखंड के पहाड़ों में रहने में रहने वाली महिलाओं का जीवन हमेशा संघर्षों से भरा हुआ रहा है. उनके जीवन का संघर्ष और उनके व्यक्तित्व की सरलता उनके खान-पान तक में देखी जा सकती है. पहाड़ियों के... Read more
बाजार ने हम सबको बिगड़ैल बच्चा बना दिया है
4G माँ के ख़त 6G बच्चे के नाम – चौथी क़िस्त पिछली क़िस्त का लिंक: पिता द्वारा टट्टी में सनी नेपियां साफ करने से मेरी ममता में कमी तो नहीं आ जाएगी! ये सवाल तुम पहले भी कई बार पूछ चुकी हो मुझसे,... Read more
और भी थे इम्तिहां
कहो देबी, कथा कहो – 42 पिछली कड़ी- समय के थपेड़े ज़िंदगी जम कर इम्तिहां ले रही थी और हम थे कि दमखम से इम्तिहां देते चले जा रहे थे. शायद सरदार अंजुम के शब्दों में भीतर कहीं मन में हम भी सोचते थे... Read more
थल: सांस्कृतिक व व्यापारिक महत्व का पहाड़ी क़स्बा
उत्तराखण्ड के कुमाऊँ मंडल का सीमान्त क़स्बा है थल. यह रामगंगा के दोनों तटों पर आमने-सामने बसा है. यह पिथौरागढ़ जिले के प्राचीन कस्बों में से एक है. 1962 तक थल अल्मोड़ा जिले का विकासखण्ड हुआ करत... Read more
आज चन्द्रसिंह गढ़वाली द्वारा पेशावर में की गयी एक ऐतिहासिक घटना की जयन्ती है
1994 में भारत सरकार ने उनकी फोटू वाला एक डाक टिकट जारी किया और नामकरण किये जाने से छूट गईं एकाध सड़कों के नाम उनके नाम पर रख दिए. उत्तराखंड बनने के बाद जब राज्य सरकार को अपने स्थानीय नायकों... Read more
पहाड़ और मेरा जीवन – 30 मैं बचपन से ही थोड़ा बेपरवाह मगर बहुत स्वाभिमानी रहा हूं. बचपन में मैं रोता कम ही था. लेकिन एक-दो बार मैं जब रोया तो बहुत गजब तरीके से रोया. एक बार तो मैं मां से किसी... Read more
अक्षय तृतीया को खुलेंगे यमनोत्री धाम के कपाट
समुद्र तल से दस हजार मीटर की उंचाई पर स्थित यमनोत्री धाम उत्तरकाशी जिले में है. चार धाम यात्रा की शुरुआत यमनोत्री से ही शुरू होती है. यमुना सूर्य की पुत्री मानी जाती है और मृत्यु के देवता यम... Read more
यह लेख डॉ. राम सिंह की किताब आजाद हिन्द फ़ौज के क्रांतिवीर से लिया गया है. यह लेख कर्णध्वज चंद के जीवन संघर्ष से जुड़ा है. कर्णध्वज चंद जन्म जलतुरी गांव, पिथौरागढ़ में हुआ था. 1936 में सेना में... Read more


























