दुर्दशा का शिकार महादेवी वर्मा सृजन पीठ
मेरे पास अनेक संदेश आ रहे हैं कि क्या महादेवी वर्मा सृजन पीठ बंद हो गयी है? उसे किसने बंद किया और क्यों किया? क्या यह एक सरकारी संस्था थी? क्या इसका कोई स्वायत्त ढांचा था? मेरा इस संस्था के... Read more
केमू में सफ़र और बीते ज़माने की याद
के०एम०ओ०यू० यानी कुमाऊं मोटर्स ओनर्स यूनियन. पहाड़ में सड़क परिवहन की सबसे पहली पंजीकृत संस्था. पुराने लोगों को याद होगा, तब यही एकमात्र साधन था पहाड़ों के सुदूर गाँवों में सड़क मार्ग से पहुँचने... Read more
सोर घाटी में गंगोत्री गर्ब्याल राजकीय बालिका इन्टर कालेज के परिसर में समय एक किला या गढ़ हुआ करता था. 1960 में स्कूल के सभागार निर्माण हेतु इसे तोड़ दिया गया. इस किले का लोकप्रिय नाम था खड़कोट... Read more
अल्मोड़ा शहर की सरहद कर्बला से शुरू होती है कर्बला एक तिराहा है, जहां कुछ दुकानें हैं,वहीं कहीं एक जगह कैरम बोर्ड पर दोपहर बाद से हाथ आजमाते युवा है, जो शाम होते-होते कथित जोश से लबरेज हो जा... Read more
जुलाई 2017 में GST लागू हुआ, उस महीने के अंतिम हफ्ते में रुद्रपुर के एक होटल में लगभग 250 व्यापारी और उद्योगकर्मियों को तत्कालीन वित्तमंत्री प्रकाश पन्त GST के बारे में समझा रहे थे. लगभग 1 घ... Read more
उत्तराखण्ड की अध्यात्मिक आस्था एवं विश्वासों में से एक है उच्यौन, उचान, उच्याणा, उच्याणी. जब कोई व्यक्ति अस्वस्थ हो जाता है और किसी भी इलाज से उसे कोई फायदा नहीं होता तब उसे स्थानीय भूत-प्रे... Read more
चंद शासकों ने अपनी खस प्रजा को नियंत्रित करने हेतु हिमांचल से योद्धा बुलाये थे. हिमांचल से बुलाये इन योद्धाओं को चंद शासकों ने अपनी सेना में सैनिक और ऊंचे पदों पर रखा. कुमाऊं में कांगड़ा और अ... Read more
उत्तराखंड के वित्त मंत्री प्रकाश पंत का लम्बी बीमारी के बाद आज शाम अमेरिका में निधन हो गया. दिल्ली के बाद फिलहाल उनका अमेरिका में इलाज चल रहा था. वे उत्तराखंड की राजनीति में कद्दावार नेता मा... Read more
उत्तराखंड के प्रमुख वन आंदोलन
उत्तराखंड में वन आन्दोलन का एक लंबा इतिहास रहा है. अलग-अलग समय पर यहां के लोगों ने अपने वन अधिकारों के लिये लड़ाई लड़ी है. जानिये उत्तराखंड में हुए कुछ प्रमुख वन आंदोलन : रंवाई आंदोलन मई 1930... Read more
उत्तराखण्ड के पहाड़ी इलाके को ध्यान से देखा जाय तो मालूम पड़ता है कि मनुष्य और प्रकृति के सम्बन्ध पिछले करीब दो सौ बरसों में बहुत बिगड़े हैं और इन्हें बिगाड़ने का काम केवल मनुष्य ने किया है. (Ut... Read more


























