बीजेपी सांसद समेत ग्यारह लोगों के फोन चोरी हुए अरुण जेटली के अंतिम संस्कार में
प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया के हवाले से ‘द क्विन्ट’ में छपी खबर के मुताबिक़ बीते रविवार को जब दिल्ली के निगमबोध घाट पर भूतपूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली का अंतिम संस्कार चल रहा था, ग्यारह लोगों के... Read more
कठपतिया का श्राप
कठपतिया का श्राप चारों ओर छोटे-छोटे पत्थरों से एक गोल घेरा बनाया जाता था जिसके बीच कोई भी आदमी – किसी भी जगह का, किसी भी जाति-धर्म का, जिसका धर्म इन जंगलों की आजीविका से जुड़ा रहता, गोल घेरे... Read more
हल्द्वानी में यादों की बरात और शेट्टी की खोपड़ी
नाहिद में ‘यादों की बारात’ लगी थी. जमाने के टाइम के तकाज़े के हिसाब से हम चार दोस्त जीनातमान के जलवे और धरमेंदर की सनातन हौकलेटपंथी देखने के उद्देश्य से सेकंड क्लास की सबसे आगे क... Read more
हिलजात्रा: ग्रामीण कृषक समाज की जीवंत झांकी
जेठ-आषाढ़ की तप्त गर्मी और हाड़ तोड़ देने वाली धान की रोपाई के बाद सावन के घुमड़ते मेघ पहाड़ों के जीवन को कुछ पल के लिए शिथिल कर देते हैं. इन परसुकुन के पलों में जब प्रकृति भी अपना श्रृंगार... Read more
एक अल्मोड़िया शगल ऐसा भी
अमूमन हर आदमी को कोई न कोई शौक-शगल-खब्त-आदत-लत होती है. फेहरिश्त काफी लंबी हो सकती है. इसमें कचहरी जाना भी शामिल है. बड़ी ही जानदार लत है. तंबाकू जैसी असरदार. कब गिरफ्त में ले लेती है, पता न... Read more
पिथौरागढ़ का आदमखोर गुलदार
धारचूला, असकोट पर्वतीय क्षेत्र के जंगलों में अनेक प्रकार के जंगली जानवर व पक्षियों के साथ साथ एक गुलदार भी रहता था जिसे पेड़ों पर चढ़ने का काफी अभ्यास था. जैसे ही गुलदार पेड़ों से नीचे उतरते है... Read more
उत्तराखण्ड राज्य के लिए जनता ने संघर्ष किये, बलिदान दिए. ख़ास तौर से पर्वतीय क्षेत्र की जनता को आस थी कि अपना राज्य होगा तो पहाड़ी इलाके उपेक्षित नहीं रहेंगे. राज बनने के बाद विकास का जो मॉड... Read more
चार वीर महर भाई और हिलजात्रा की कथा
आज पिथौरागढ़ जिले कुमौड़ गांव में हिलजात्रा का उत्सव मनाया जा रहा है. कुमौड़ की हिलजात्रा का मुख्य पात्र लखियाभूत या लखियादेव है. हिलजात्रा कैसे कुमौड़ गांव में शुरू की गयी इसके विषय में चार... Read more
आज है पिथौरागढ़ के कुमौड़ गांव में हिलजात्रा
पिथौरागढ़ के कुमौड़ गांव में आज शाम हिलजात्रा का आयोजन किया जायेगा. हिलजात्रा पिथौरागढ़ में प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाला एक कृषि उत्सव है. इसमें कोई बैल की जोड़ी बनता है, कोई हलिया बनता है... Read more
कितना आसान है हत्या को आत्महत्या कहना
किसान और आत्महत्या -हरीश चन्द्र पाण्डे उन्हें धर्मगुरुओं ने बताया था प्रवचनों मेंआत्महत्या करने वाला सीधे नर्क जाता हैतब भी उन्होंने आत्महत्या की क्या नर्क से भी बदतर हो गई थी उनकी खेती वे क... Read more


























