आज है पिथौरागढ़ के कुमौड़ गांव में हिलजात्रा
पिथौरागढ़ के कुमौड़ गांव में आज शाम हिलजात्रा का आयोजन किया जायेगा. हिलजात्रा पिथौरागढ़ में प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाला एक कृषि उत्सव है. इसमें कोई बैल की जोड़ी बनता है, कोई हलिया बनता है... Read more
कितना आसान है हत्या को आत्महत्या कहना
किसान और आत्महत्या -हरीश चन्द्र पाण्डे उन्हें धर्मगुरुओं ने बताया था प्रवचनों मेंआत्महत्या करने वाला सीधे नर्क जाता हैतब भी उन्होंने आत्महत्या की क्या नर्क से भी बदतर हो गई थी उनकी खेती वे क... Read more
यहीं से निकलेगा उत्तराखंड की खुशहाली का रास्ता
सिकुड़ती पहाड़ी मंडियां और बाजार : यह उत्साहित करते चित्र आगराखाल, टिहरी गढवाल बाजार के हैं, जहां इन दिनों उत्साह का माहौल है. डेढ़ से दो ट्रक रोज अदरक की आमद आगराखाल बाजार में हो रही है जहा... Read more
कंचन चौधरी भट्टाचार्य और माखन सिंह का किस्सा
कल रात दिवंगत हुई पूर्व डीजीपी कंचन चौधरी भट्टाचार्य ने आज से कोई दो वर्ष पहले अगस्त 2017 में सेंट पॉल इंस्टीट्यूट ऑफ़ कम्यूनिकेशन एजूकेशन, मुम्बई में छात्रों को संबोधित किया था. अपनी इस बात... Read more
कंचन चौधरी भट्टाचार्य अपने पिता मदन मोहन चौधरी की पहली संतान थीं. ऐसा कहा जाता है कि मदन मोहन चौधरी एक दफा प्रॉपर्टी के एक विवाद में उलझ गए थे जिसकी वजह से उनके साथ गुंडों ने मारपीट भी की थी... Read more
विकास के नाम पर पर्यावरण की हत्या
तथाकथित विकास के नाम पर वर्षों पुराने हरे पेड़ काटने वालो इसकी हाय से बचोगे नहीं तुम देख लेना. पूछ लो कुछ पुराने लोगों के बारे में. उनके परिवारों की क्या स्थिति है आज? गर्मी के दिनों में बटो... Read more
पितृ पक्ष निकट है और सनातनी समाज में इस अवसर पर अपने पितरों की तृप्ति के लिए तर्पण एवं श्राद्ध का विधान है. देश के उत्तर से दक्षिण तक तथा पूरब से पश्चिम तक इस परम्परा का पालन हर हिन्दू समाज... Read more
किलमोड़े के कांटे से टैटू
आज वैश्विक स्तर पर शरीर में तरह-तरह के टैटू गुदवाने का प्रचलन है. भारत में भी इसका प्रचलन जोरों पर है. विश्व में टैटू बनाने के कोर्स चलते हैं, जिसका एक अपना बड़ा बाजार है. भारत में बड़े शहरो... Read more
एक समय दूरदर्शन पर एक महिला पुलिस अफसर की जिन्दगी पर आधारित सीरियल बहुत विख्यात हुआ था. ‘उड़ान’ नामक इस सीरियल को बनाने की प्रेरणा निर्देशक कविता चौधरी को अपनी बड़ी बहन कंचन चौधरी... Read more
मंदी अर्थव्यवस्था का श्रृंगार है
मंदी अर्थव्यवस्था का श्रृंगार है. मंदी का देश में आना बहुत जरूरी है जिससे समझ में आ सके कि मंदी के कारण अर्थव्यवस्था में क्या-क्या समस्याएँ आ सकती हैं. मंदी के कारण ही विश्व पटल में देश का न... Read more


























