घुइयां का कुमाऊनी में अर्थ
कुमाऊ में घुइयां का अर्थ अरबी से है लेकिन क्या आप उस घुइयां के बारे में जानते हैं जो जमीन और सूप के बाहरी हिस्से पर बनाई जाती है. सूप बांस का बना एक घरेलू उपकरण है. उत्तराखंड के लगभग सभी घरो... Read more
आज के समय में जन्मकुंडली आदि कम्पूटर में तैयार की जाती हैं और उसी से प्रिंट भी निकाले जाते हैं. लेकिन एक समय में इसे हाथ से बनाया जाता था, जिसमें सुंदर सी लिखावट में लिखा गया होता था. अगर आप... Read more
बीजेपी सांसद समेत ग्यारह लोगों के फोन चोरी हुए अरुण जेटली के अंतिम संस्कार में
प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया के हवाले से ‘द क्विन्ट’ में छपी खबर के मुताबिक़ बीते रविवार को जब दिल्ली के निगमबोध घाट पर भूतपूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली का अंतिम संस्कार चल रहा था, ग्यारह लोगों के... Read more
कठपतिया का श्राप
कठपतिया का श्राप चारों ओर छोटे-छोटे पत्थरों से एक गोल घेरा बनाया जाता था जिसके बीच कोई भी आदमी – किसी भी जगह का, किसी भी जाति-धर्म का, जिसका धर्म इन जंगलों की आजीविका से जुड़ा रहता, गोल घेरे... Read more
हल्द्वानी में यादों की बरात और शेट्टी की खोपड़ी
नाहिद में ‘यादों की बारात’ लगी थी. जमाने के टाइम के तकाज़े के हिसाब से हम चार दोस्त जीनातमान के जलवे और धरमेंदर की सनातन हौकलेटपंथी देखने के उद्देश्य से सेकंड क्लास की सबसे आगे क... Read more
हिलजात्रा: ग्रामीण कृषक समाज की जीवंत झांकी
जेठ-आषाढ़ की तप्त गर्मी और हाड़ तोड़ देने वाली धान की रोपाई के बाद सावन के घुमड़ते मेघ पहाड़ों के जीवन को कुछ पल के लिए शिथिल कर देते हैं. इन परसुकुन के पलों में जब प्रकृति भी अपना श्रृंगार... Read more
एक अल्मोड़िया शगल ऐसा भी
अमूमन हर आदमी को कोई न कोई शौक-शगल-खब्त-आदत-लत होती है. फेहरिश्त काफी लंबी हो सकती है. इसमें कचहरी जाना भी शामिल है. बड़ी ही जानदार लत है. तंबाकू जैसी असरदार. कब गिरफ्त में ले लेती है, पता न... Read more
पिथौरागढ़ का आदमखोर गुलदार
धारचूला, असकोट पर्वतीय क्षेत्र के जंगलों में अनेक प्रकार के जंगली जानवर व पक्षियों के साथ साथ एक गुलदार भी रहता था जिसे पेड़ों पर चढ़ने का काफी अभ्यास था. जैसे ही गुलदार पेड़ों से नीचे उतरते है... Read more
उत्तराखण्ड राज्य के लिए जनता ने संघर्ष किये, बलिदान दिए. ख़ास तौर से पर्वतीय क्षेत्र की जनता को आस थी कि अपना राज्य होगा तो पहाड़ी इलाके उपेक्षित नहीं रहेंगे. राज बनने के बाद विकास का जो मॉड... Read more
चार वीर महर भाई और हिलजात्रा की कथा
आज पिथौरागढ़ जिले कुमौड़ गांव में हिलजात्रा का उत्सव मनाया जा रहा है. कुमौड़ की हिलजात्रा का मुख्य पात्र लखियाभूत या लखियादेव है. हिलजात्रा कैसे कुमौड़ गांव में शुरू की गयी इसके विषय में चार... Read more


























