आप खुद कर सकते हैं मोटे तौर पर कुण्डली मिलान
शादी ब्याह के लिए रिश्ते की शुरूआत वर एवं कन्या के कुण्डली मिलान से होता है. कुण्डली मिलान के लिए स्वयं इसके ज्ञान के अभाव में प्रायः ज्योतिष का ज्ञान रखने वाले किसी पुरोहित की शरण में जाना... Read more
अल्मोड़ा से बीबीसी रेडियो की भीनी-भीनी यादें
शम्भू राणा का यह लेख नैनीताल समाचार में वर्ष 2011 में तब छपा था जब हिंदी समेत कई भाषाओं में बीबीसी रेडियो के बंद होने की खबरें आई थी. शंभू राणा का यह लेख नैनीताल समाचार से साभार लिया गया है... Read more
पिथौरागढ़ में एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन
उत्तराखण्ड सरकार की महत्वपूर्ण योजना 13 जिले 13 नए डेस्टिनेशन के तहत एक महत्वपूर्ण कदम पिथौरागढ जिले में लिया गया. जिले के चंडाक क्षेत्र में नीदरलैंड से आयातित 25 हजार ट्यूलिप के बीजों का प्... Read more
उत्तराखण्ड के अल्मोड़ा से मुम्बई पहुंचकर टेलीविजन की दुनिया में अपना ख़ास मुकाम बनाने वाली रूप दुर्गापाल इन दिनों अपने नए धारावाहिक ‘लाल इश्क’ को लेकर चर्चा में हैं. (Actress Roop Durgapal i... Read more
अप्रतिम छियालेख 3350 मीटर की ऊंचाई पर हैं. चारों ओर बुग्याली फूल जैसे खुश होकर झूम रहे थे. मन तो हो रहा था की यहीं अपने तंबू तान लिए जाएं, लेकिन आगे गर्ब्यांग में हीरा को आज पहुंचने का सन्दे... Read more
हरेला सोसायटी नाम से काफल ट्री के पाठक परिचित हैं. पिछले पांच छः सालों में पिथौरागढ़ जिले को पर्यावरण के प्रति जागरुक करने वाली हरेला सोसायटी तीन-एक वर्षों से जिले में होली के दौरान नेच... Read more
बीबीसी की तिलिस्मी आवाज़ वाली रेडियो सेवा का अंत
जरा अतीत की बिसरी गलियों में जाइए और भारत का वह दौर याद करने की कोशिश कीजिए, जब घर-घर में टीवी की स्क्रीन नहीं आए थे. लोग देश-दुनिया की ख़बरें सुनने के लिए रेडियो का सहारा लिया करते थे और बी... Read more
उत्तराखंड निवासी हवलदार रमेश बहुगुणा ने कल चंडीगढ़ के अस्पताल में आखिरी सांस ली. हवलदार रमेश बहुगुणा सियाचिन सैक्टर में तैनात थे. आज ऋषिकेश घाट पर हवलदार रमेश बहुगुणा का अंतिम संस्कार आज ऋषि... Read more
हिट तुमड़ि बाटे-बाट, मैं कि जानूं बुढ़िया काथ : कुमाऊं की एक लोकप्रिय लोककथा
किसी गांव में एक बुढ़िया थी. बूढी और निर्बल बुढ़िया एक अकेले घर में रहती थी. एक साल जाड़ों के दिनों बुढ़िया को लगा कि शायद वह इस साल मर जायेगी. मृत्यु के भय से उसने सोचा कि क्यों न अपनी बेटी के... Read more
पहाड़ी वनस्पतियों से बनने वाले तेल
च्यूरे से घी बनता तो इसके फल खाये जाते. इसके घी में रसेदार सब्जी बड़ी स्वाद बनती. इसे टपकी और पालक के कापे में भी डाला जाता. काले भूरे तिल भी होते जिनका तेल भी सब्जी व दाल में डाला जाता. Di... Read more


























