गढ़वाली लोकगीत के पितामह जीत सिंह नेगी का निधन
1950 के दशक में एक खुदेड़ दिल्ली बंबई रहने वाले उत्तराखंड के प्रवासियों के बीच खूब लोकप्रिय हुआ, उसके बोल कुछ यूं थे – तू होली ऊंची डांडयूं मां, बीरा घसियारी का भेस मां, खुद मां तेरी सड... Read more
जिंदगी से बिना शर्त प्यार करो
किसी का भी आत्महत्या करना हमें बहुत दुखी कर जाता है, क्योंकि हम जानते हैं कि किसी ने कैसी भी स्थितियों में आत्महत्या की हो, उसके जीवन में कितना भी गहरा अंधेरा रहा हो, कैसी भी वजहें रही हों,... Read more
पहाड़ में जंगल-जंगल मिलते कंद मूल फल
जी हाँ, पहाड़ के जंगल में ही उगता है काफल. जिसका रसासस्वादन अपने किया और पसंद तो किया ही. फिर हिसालू, किल्मोड़ा, कैरू, चिगोड़ा, गेठी, गिवें की पहचान भी आपको होगी जो पहाड़ में होने वाले कंदमू... Read more
53 साल पहले बादल फटने की घटना का आँखों देखा हाल
बरसात के मौसम के शुरू होते ही पहाड़ी प्रदेशों में बादल फटने की घटनाओं की खबर समाचार पत्रों, रेडियो, दूरदर्शन या डिजिटल माध्यम से पढ़ने, सुनने तथा देखने को मिलती रहती हैं. इस तरह की घटनाओं के... Read more
सूर्य ऊर्जा और प्रकाश का एक विशालकाय स्रोत है और धरती पर हमारे अस्तित्व को सहजे हुए हैं. खगोलीय घटनाएं हमेशा से हम पृथ्वीवासियों को अनायास ही अपनी ओर आकर्षित करती रही है. इसी श्रंखला में हमे... Read more
पहाड़ की प्यारी घुघुती के बारे में सब कुछ जानिये
कोरोना काल के इसी सन्नाटे में उस दिन दो फाख्ते भी मिलने चले आए. जब भी फाख्तो को देखता हूं, और उनकी आवाज सुनता हूं तो गुजरे हुए जमाने की न जाने कितनी बातें याद आ जाती हैं. उत्तराखंड के अपने ग... Read more
आमा के हिस्से का पुरुषार्थ -2 कुमाऊनी में एक मुहावरा बड़ा ही प्रचलित है ‘बुढ़ मर भाग सर’ यानि कि जो बुज़ुर्ग होते हैं वे सभ्यता, सांस्कृतिक परंपराओं के स्तम्भ होते हैं. इन्हीं से अगली पीढ़ी... Read more
जून का पहला हफ्ता कुछ गर्म थपेड़ों वाला लेकिन मानसून की आश में झूमता हुआ मानसून पूर्व बारिशों में भीग रहा है,सूख रहा है,सँवर रहा है. शहर की आपाधापी में मौसम और प्रकृति को करीब से देखना मुश्क... Read more
रेवती रोई नहीं : एक सशक्त पहाड़ी महिला की कहानी
रानीखेत रोड से होती हुई रेवती लकड़ियों की गढ़ोई (बंडल) लेकर जैसे तंबाकू वाली गली से गुजरी, जमनसिंह की आँखों में चमक-सी आ गई. आलस में सुस्ता रहे शरीर में करंट-सा दौड़ गया. उसने अध लेटे शरीर क... Read more
4G माँ के ख़त 6G बच्चे के नाम – 59 (Column by Gayatree Arya 59)पिछली किस्त का लिंक: एक बच्चा अपनी मां को बहुत ख़ास महसूस करवाता है रंग मेरी जान, अब तुम खूब चलने लगे हो चौपाया बनकर. एक जगह टि... Read more


























