वामन चोरधड़े मराठी लोकजीवन और लोकसाहित्य के गंभीर अध्येता रहे हैं इसलिए ग्रामीण जीवन का यथार्थ चित्रण उनकी कहानियों में पाया जाता है. समसामयिक घटनाओं को अपने कथ्य का आधार बनाते हुए उन्होंने... Read more
पहाड़ का संपन्न किसान शरणार्थी बन गया
आपदाएं आती हैं और चली जाती हैं. आपदाओं का विध्वंसक रूप कुछ दिनों अखबार और टीवी पर दिखता है. इसी दौरान सरकारें और शासन-प्रशासन की भी सक्रियता दिखाई देती है. अफसरों के दौरे होते हैं और बाद में... Read more
उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी का कार्यकाल आज समाप्त हो रहा है.अपनी सर्विस के असंख्य लोगों के लिए एक रोल मॉडल हैं. काफल ट्री उन्हें सलाम करता है और शानदार भविष्य की कामना करता ह... Read more
ये हैं बेहतर जीवन के लिए 40 सूत्र
ऐसी कई अच्छी बातें हैं, जो हमें मालूम तो हैं, पर हम दैनिक जीवन में उन्हें नहीं अपनाते. ऐसी ही कुछ बातें सूत्रों के रूप में यहां दे रहा हूं , ताकि आपको वे याद रह सकें और आप उन्हें अपनी रोजमर्... Read more
कुमाऊँ की सीमान्त शौका सभ्यता से ताल्लुक रखने वाली अनिन्द्य रूपवती राजुला और उसके प्रेमी राजकुमार मालूशाही की प्रेमकथा हमारे इधर बहुत विख्यात है. जैसा कि हर लोक साहित्य के साथ होता है इस गाथ... Read more
इगास: वंचितों को समर्पित लोकपर्व
जो छूट गए, जो पिछड़ गए हैं और जो अधिकारों से वंचित रह गए हैं, सरकारें उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए कई योजनाएँ बनाती है. लोक-समाज, पर्व-त्योहार बनाता है. सबके हिस्से में हर्ष-उल्लास सुनिश... Read more
हिमालय की लोकदेवी झालीमाली
उत्तराखंड में देवी भगवती के नौ रूपों यथा- शैलपुत्री, ब्रहृमचारिणी, चन्द्रघंटा, कुशमांडा, स्कन्दमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धदात्री के अतिरिक्त अन्य कई स्थानीय रूप हैं. इनमें न... Read more
बीते चालीस सालों से भगवान बदरी विशाल के मंदिर में रोज सुबह और रात नौबत बजाने वाले प्रभु दास जी का निधन हो गया. अनेक विपरीत परिस्थितियों के बावजूद प्रभु दास जी बिना थके भगवान बदरी की सेवा में... Read more
एक तगड़े शर्मीले डोटियाल की कथा
नेपाल के डोटी गाँव से आया एक प्यारा-सा तगड़ा शरमीला किशोर ग्रामीण सोर घाटी में मजदूरी करता था. बोझा वह तब से ढोता था जबसे उसके मूंछों का क्या, उसको अपने शरीर का भी पता न था. उसे सिखाया गया क... Read more
कुमाऊं मोटर ओनर्स यूनियन लिमिटेड नामक यह कम्पनी हिस्सों की बुनियाद पर नहीं बल्कि एक प्रकार से सहकारी भावनाओं को लेकर मालिकों ने अपनी-अपनी गाड़ियां एक कम्पनी के अन्दर सामूहिक व्यवस्था के तहत... Read more


























