भगवान शिव और पार्वती का विवाह स्थल त्रियुगीनारायण
सोन गंगा, हरदा नदी एवं मंदाकिनी नदी के पृष्ठ भाग में स्थित है नारायण भगवान का यह भव्य मंदिर, जिसे त्रियुगीनारायण मंदिर कहा जाता है. यहाँ भगवान विष्णु के वामन अवतार का पूजन किया जाता है. भारत... Read more
बद्रीनाथ भगवान ज्यू की कथा
बद्रीनाथ जहां स्वर्गीय वृक्षों से पुष्पराशि झरती है. जहां सीमांत के अंतिम गाँव की कौमारिकायें मंगल गान करती हुई आराध्य को घृत कम्बल पहनाती हैं. जहां शीतकाल में देवता धरती से उतर कर नारद के स... Read more
कुमाऊनी साक्षात्कार श्रृंखला के 100वें अंक में आज सुनिये दो पीढ़ियों के बीच रोचक बातचीत
पिछले वर्ष जब लॉकडाउन शुरु हुआ तो सभी लोग अपने-अपने घरों में फंसे थे. ऐसे में हेम पन्त और हिमांशु पाठक ने अपनी दुधबोली के लिये ऑनलाइन एक प्रयास शुरु किया. इस प्रयास का नाम था “म्योर पहाड़, म... Read more
नीति आयोग के एसडीजी इंडेक्स 2021 में उत्तराखण्ड ऊपर से तीसरे नम्बर पर है और उत्तर प्रदेश नीचे से चौथे नम्बर पर. रैंकिंग का ये फासला इसलिए और बड़ा हो जाता है कि प्रदेशों की कुल संख्या 28 है.... Read more
विश्व पर्यावरण दिवस और उत्तराखंड
विश्व पर्यावरण दिवस हर साल 5 जून को धूमधाम से मनाया जाता है और वह धूमधाम ऐसी है कि जो आजकल सोशल मीडिया तक ही सिमट कर रह गई है. पर्यावरण के प्रति हमारी चिंताएँ कितनी गहरी हैं यदि यह जानना हो... Read more
पुराने समय में अन्य यात्राओं की तरह चार धाम यात्रा भी पैदल ही हुआ करती थी. दिनों दिन की पैदल चल यात्रा पूरी हुआ करती थी. ऐसे में पैदल चलने वाले इन यात्रियों के रास्ते में पड़ने वाले ठौर-ठिका... Read more
भारतीय क्रिकेट टीम में वापसी पर उत्तराखंड की स्नेह राणा ने पिता को याद कर लिखी भावुक पोस्ट
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन करने वालों में एकता बिष्ट, मानसी जोशी का नाम सभी जानते हैं. भारत की बेहतरीन क्रिकेटर में ही एक नाम स्नेह राणा का भी है. इंग्लैंड दौरे के लिए इस दफ... Read more
नियति निर्देशक की कारिस्तानी
ये मई का महीना है. साल है दो हज़ार इक्कीस. इस वक़्त भारत में लॉक-डाउन लगा हुआ है. मैं घर में हूँ, और कर्म गति पर चिंतन कर रहा हूँ. कबीरदास जी याद आ रहे हैं- करम गति टारे नाहिं टरी.(Satire by... Read more
कहानी नैनी-सैनी हवा पट्टी बनने की
बरसों पहले की बात है जब पिथौरागढ़ सोर घाटी के नैनी-सैनी सेरे में धान की फसल लहलहाती थी. बढ़िया सिंचित जमीन, चौरस पट्टी. इसमें तब बांजा पड़ गया जब ये तय हुआ कि इतनी दूर तक फैली जमीन पर तो हवा... Read more
‘झूलाघाट’ की कहानी
अल्मोड़ा-झूलाघाट अश्व-मार्ग/पैदल मार्ग का अंतिम पड़ाव सीमान्त क़स्बा झूलाघाट था. 1829 में ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा बनवाये गए झूलापुल के आर-पार नदी किनारे कोई बस्ती नहीं थी. भारतीय क्षेत्र मे... Read more


























