मुझे अपने बूबू (दादा जी) की खूब याद है. अब तो उन्हें गुजरे हुए भी चालीस साल के ऊपर हो गए हैं. उनका चेहरा अब मेरी स्मृति में थोड़ा धुंधला जरूर पड़ता जा रहा है, लेकिन उनकी कितनी ही बातें अभी त... Read more
आदिकालीन मंदिरों में से एक है नीलेश्वर महादेव
उत्तराखंड को देवभूमि यूं ही नहीं कहा जाता है. यहाँ हरेक स्थान पर, प्रत्येक पहाड़ के शिखर पर देवी-देवता का वास है. जगह-जगह देवताओं से जुड़ी स्मृतियाँ पायी जाती है. हरिद्वार-ऋषिकेश तो एक तरह स... Read more
एवरेस्ट शिखर पर पिथौरागढ़ के मनीष कसनियाल
आज सुबह 5 बजे पिथौरागढ़ के मनीष कसनियाल अपने दल पर एवरेस्ट शिखर पर पहुंचे. त्रिशूल, गंगोत्री तृतीय, बलजोरी, लामचीर, बीसी रॉय आदि एक दर्जन से अधिक चोटियां फ़तेह कर चुके मनीष ने आज सुबह यह कारना... Read more
बागेश्वर के दीपक रौतेला विश्विख्यात कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के लिए 40.37 लाख सालाना के पैकेज में चुने गए
बागेश्वर के दीपक रौतेला को 40.37 लाख के पैकेज पर अमेरिका की ख्यातिलब्ध कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के लिए चुना गया है. माइक्रोसॉफ्ट ने कई अभ्यर्थियों के बीच से कई दौर की परीक्षाओं और इंटरव्यू के बाद... Read more
मंदिर में रखी पत्थर की मूर्तियों पर पानी छिडका जाता है और प्रार्थना की जाती है —“परमेश्वर खुश हो जा, मेरी भूलचूक क्षमा कर और ये मेमना तेरी भेंट है, इसे स्वीकार कर, मैं नासमझ हूं और तू अन्तर्... Read more
बैंक से कर्जा लेकर कुमाऊंनी भाषा की पहली फिल्म बनाने वाले ‘जीवन सिंह बिष्ट’ का जन्मदिन है आज
अस्सी का दशक था और गढ़वाली भाषा में एक के बाद एक तीन फ़िल्में आ चुकी थी. कुमाऊनी लोग अब भी इंतजार में थी अपनी पहली कुमाऊनी फिल्म के. लोग हिम्मत करते पर फिर आर्थिक स्थिति के चलते हार मान लेते.... Read more
अपनी बात मैं अपने उन पुरखों से शुरू करना चाहता हूं, जो आदि मानव कहलाते थे, जंगलों और गुफाओं में रहते थे. खेती और पशुपालन की शुरूआत उन्होंने ने ही की थी. उन्हीं में से शायद कभी, हमारे किसी पु... Read more
बाबा रामदेव हमेशा चर्चा में रहने के आदी हो गए हैं या कहना चाहिए कि उन्हें चर्चा में रहने की लत लग चुकी है. जब किसी को किसी चीज की लत लग जाती है, तो वह साम, दाम, दंड, भेद, कैसे भी उसे पाकर ही... Read more
पिछली सहस्राब्दी के आखिरी महीने में अपने हंगेरियन विद्यार्थियों को मैंने अपने इलाके का परिचय देने के लिए मशहूर लोकगायक नैन नाथ रावल का यह कुमाऊनी गीत सुनाया :(Himuli Hyoon Pado Nainnath Rawa... Read more
नैनीताल में पत्रकारिता का परचम फहराने वाले ‘विष्णु दत्त उनियाल’ की जन्म शताब्दी
आज से ठीक पैंसठ वर्ष पहले 1956 में उन्होंने पहली बार, पहले दैनिक अखबार ‘पर्वतीय’ का प्रकाशन शुरू करके पर्यटन नगरी नैनीताल में पत्रकारिता का परचम फहराया था. आज कड़े जीवन संघर्ष में तपे उस जुझ... Read more


























