‘पेगासस’ : एक सफेद पंखों वाला घोड़ा
-मनीष आज़ाद रिपब्लिक ऑफ सर्विलांस ग्रीक मिथक में ‘पेगासस’ एक सफेद पंखों वाला घोड़ा है, जो कभी भी कहीं भी जा सकता है. इसी तरह ‘पेगासस’ सॉफ्टवेयर भी कभी भी किसी के भी फ... Read more
शैलेश मटियानी की कहानी : ऋण
सब झूठ-भरम का फेर रे-ए-ए-ए…माया-ममता का घेरा रे-ए-ए-ए…कोई ना तेरा, ना मेरा रे-ए-ए-ए… नटवर पंडित का कंठ-स्वर ऐसे पंचम पर चढ़ता जा रहा था, जैसे किसी बहुत ऊँचे वृक्ष की चूल पर... Read more
सावन की बारिश में श्रीनगर: फोटो निबंध
सावन का मौसम, लगातार रिमझिम बरसती बारिश, पहाड़ी घाटियों में तैरते बादल और खुशनुमा मौसम के बीच एक परफ़ेक्ट कैमरा शॉट के लिए लालायित मैं, कुछ दोस्तों के साथ श्रीनगर से 4-5 किलोमीटर ऊपर बरियारग... Read more
साठ के दशक में हिमालय अंचल की यात्रा से जुड़ी यादें
चितरंजन दासजी ने उत्तराखंड के हिमालयी तीर्थों की अपनी यायावरी यात्रा को अपनी किताब ‘शिलातीर्थ’ में बहुत ही सजीव और अद्भुत ढंग से सजोया है. 1959 में केदारनाथ और बद्रीनाथ की पैदल य... Read more
स्वाति मेलकानी की कहानी ‘नेपाल में सब ठीक है’
“आपका स्कूल भी बंद है मैडम जी?” खिमदा ने मुझे देखते ही पूछा. जवाब भी उसने खुद ही दे दिया, “इस बार तो बहुत नुकसान हो गया. हमारे मालिक साहब का स्कूल भी कई दिनों से बंद है. बच... Read more
नैनीताल के पास स्थित सैनिक स्कूल घोड़ाखाल की स्थापना 21 मार्च 1966 को रामपुर के नवाब की सुंदर एस्टेट पर हुई थी. (Sainik School Ghorakhal) ‘घोड़ाखाल’ नाम का सम्बन्ध 1857 के प्रथम... Read more
‘बेईमान’ उत्तराखंड मांगे भू-कानून
उत्तराखंड में भूमि बंदोबस्त कराइए, कृषि भूमि बचाने के लिए सशक्त भू कानून लाइए, जमीन की खरीद-फरोख्त को नियंत्रित करने के पुख्ता उपाय कीजिए, पर्वतीय क्षेत्रों में चकबंदी कराइए. हिमाचल की तर्ज... Read more
एक तीली आग : जैक लंडन की कालजयी कहानी
वह सुबह ठिठुरन और कोहरे भरी थी. शीत और कोहरा अपने चरम पर था जब उस आदमी ने प्रमुख यूको पगडंडी को छोड़ पहाड़ी पर चढ़ना प्रारंभ किया जहाँ से बाँस के इलाके को जाने वाली कभी कभार उपयोग में लाई जा... Read more
आकाश कितना अनंत है
जो रिश्ता पिछली सर्दियों में तय हुआ, उसे तोड़ दिए जाने का निर्णय लिया जा चुका है. अब उसकी शादी दिल्ली-जैसे बड़े शहर में नौकरी करने वाले लड़के से होगी. जसवंती को ऐसा लग रहा है, सिर्फ इतना जान... Read more
उत्तराखंड में नाग गढ़पतियों की पूजा
उत्तराखंड में नागों का प्रभाव शिव पूजा में भी प्रबल रहा. ब्रह्मा ने नागों को शाप दिया तो नागों ने पुष्कर पर्वत पर शिव शम्भू की प्रार्थना कर उन्हें प्रसन्न तो किया ही उनके कंठ के हार भी बने .... Read more


























