गले में पाटी लटकाकर स्कूल जाने की याद
लोग अपने कालेज के दिन याद करते हैं. जवानी के दिनों पर चर्चा करते हैं पर मुझे लगता है पहाड़ी लोग अपने स्कूल के समय को याद करते हैं. उसमें भी हमारी कलम-दवात और पाटी (तख्ती) वाली पीढी. अगर दिन... Read more
उद्यमशीलता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण नाम है तुलसीदेवी का. पिथौरागढ़ के नौलेरा गाँव में 1919 में भोटिया व्यापारी सीमासिंह रावत तथा सरस्वती रावत ने एक कन्या को जन्म दिया. नाम पड़ा तुलसी. पर... Read more
मन्दिरों पर शिखर बनाने की प्रथा गुप्तकाल में आरम्भ हो गई थी. कत्युरी काल के छोटे मन्दिरों पर नागर शिखर मिलता है. उनमें शिखर का निर्माण गर्भगृह की चपटी छत से आरम्भ हुआ है. चारों कोनों से दीवा... Read more
पहाड़ों को प्रकृति ने अनमोल चीजों से सजाया है. पहाड़ों में एक ही वृक्ष में न जाने रोजमर्रा की जरूरतों का क्या-क्या मिल जाता है आज शहर की चकाचौंध ने पहाड़ वीरान कर दिए हैं. एसे ही अनमोल वृक्ष... Read more
केदारनाथ पर महत्त्वपूर्ण लेख
मन्दाकिनी नदी के स्त्रोत प्रदेश में भारतखण्ड शिखर के पदतल में 11753 फीट की ऊंचाई पर अत्यन्त भव्य दृश्यावली के मध्य में केदारनाथ का प्राचीन एवं विशाल मन्दिर है. इतनी ऊंचाई पर एवं इतनी सुन्दर... Read more
गुन्दरू आज भी घर की देली पर खड़ा है : लोककथा
एक बार गाँव के थोकदार जी ने अपने शहर जाते चौदह साल के बच्चे गुन्दरू को वापस आते समय अच्छा गुड़ ले आने को कहा. जाड़ों के दिन है यह तो चाहिए ही और शहर से गुन्दरू गुड़ तो लाया पर कुछ इस तरह-(G... Read more
गुरूजी और जोंक
बीसवीं शताब्दी के पहले साल में अपर गढ़वाल में आधुनिक शिक्षा की अलख जगाने वाले इसी ख्याति प्राप्त विद्यालय में छायावादी कवि चंद्रकुँवर बर्त्वाल भी पढ़े थे. यहाँ के सुदीर्घ बांज-वृक्षों को वो... Read more
बुद्ध ने आनंद को वेश्या के पास क्यों जाने दिया
बुद्ध की शरण में दीक्षा ले रहे भिक्षुओं को कई नियमों का पालन करना पड़ता था. वे किसी के भी घर तीन दिन से ज्यादा नहीं रुक सकते थे. यह नियम स्वयं बुद्ध ने बनाया था. उद्देश्य यह था कि उनकी सेवा... Read more
चीना रेंज में घने जंगल के बीच में रांची बिल्कुल सुनसान जगह में था जहां फारेस्ट क्वाटर थे. हमारा घर थोड़ी ऊंचाई पर था तो बाकी क्वाटर उससे नीचे. ज्यादातर वन विभाग के लोगों की ही आवत-जावत होती.... Read more
शराब पीने में उत्तराखंड के पुरुष अव्वल
किसने सोचा था कि एक दिन उत्तराखंड की ऐसी गत होगी. कम से कम अलग राज्य के लिये अपनी जान की कुर्बानी देने से भी न डरने वाले राज्य आन्दोलनकारियों ने तो कभी नहीं सोचा होगा कि जिस अलग राज्य के लिय... Read more


























