उत्तराखण्ड की अनूठी विवाह परम्पराएँ
बहुप्रचलित पूर्णतः वैदिक अनुष्ठान, संस्कार तथा स्थानीय रीति-रिवाज के साथ किये जाने वाले अंचल विवाह परम्परा के अलावा भी उत्तराखण्ड की विशेष विवाह परम्पराएँ हुआ करती थीं. इस तरह के विवाह विशेष... Read more
लोक कथा : घमंडी का सिर नीचा
बहुत पुरानी बात है कि एक जगह एक राजा रहता था जो अपने में ही इतना लगा रहता था और अपने कहने और करने में इतना घमंड महसूस करता था कि यह बात अब जनता में यह एक कहावत बन गयी थी “हमारे राजा जैसा मतल... Read more
(23 साल की उम्र में देश की आज़ादी के लिए शहादत देने वाले भगत सिंह ने तब तक इतना कुछ लिख दिया था जो आज भी रौशनी देता है. ब्रिटिश भारत में होने वाले दंगों के बारे में यह लेख भगत सिंह ने 1928 मे... Read more
जीवन और जंगल से बेदखल जंगल के राजा
शोभाराम शर्मा जी का नाम मैंने प्रयाग जोशी जी से सुना था. प्रयाग जी ने 1972-73 में पिथौरागढ़ जिले के अस्कोट-जौलजीवी क्षेत्र के बीहड़ जंगलों/बस्तियों में घूम-घूम कर वनराजियों या वनरावतों (बणरौ... Read more
आज भगवती प्रसाद जोशी ‘हिमवन्तवासी’ की पुण्यतिथि है
गढ़वाली और हिन्दी के कालजीवी कहानीकार स्वर्गीय भगवती प्रसाद जोशी ‘हिमवन्तवासी’ का जन्म 17 अगस्त, सन् 1927 में जोश्याणा, पैडुलस्यूं, पौड़ी (गढ़वाल) में हुआ. ‘हिमवन्तवासी’ सरकारी अधिकारी रहे औ... Read more
लोक कथा : चतुर बहू
बहुत समय पहले की बात है, किसी गांव में एक धनी साहूकार रहता था. उसके चार बेटे थे, चारों का विवाह हो चुका था. चारों बेटे और तीनों बड़ी बहुएं तो साधारण बुद्धि के थे, लेकिन छोटी बहू दुर्गा बड़ी... Read more
लोक कथा : जब अंडे ने बिल्ले से लिया बदला
एक बार एक जंगली बिल्ले ने एक मुर्गी से दोस्ती करने का बहाना किया पर सच तो यह था कि वह उस मुर्गी को खाना चाहता था. एक दिन बिल्ले ने मुर्गी से पूछा — “ओ मुर्गी, आज रात तुम कहाँ सोओगी?” मुर्गी... Read more
स्याल्दे-बिखौती का मेला
अल्मोड़ा जनपद के द्वाराहाट कस्बे में सम्पन्न होने वाला स्याल्दे बिखौती का प्रसिद्ध मेला प्रतिवर्ष वैशाख माह में सम्पन्न होता है. हिन्दू नव संवत्सर की शुरुआत ही के साथ इस मेले की भी शुरुआत हो... Read more
देवलसमेत बाबा के मूल स्थान में चैतोल की तस्वीरें
पिथौरागढ झूलाघाट रोड पर स्थित कासनी गांव के पास ही एक देवलसमेत बाबा का सेरादेवल मंदिर स्थित है. देवलसमेत बाबा सोरघाटी के लोकदेवता हैं. देवभागा और चन्द्रभागा नदियों के संगम पर बसे सेरादेवल को... Read more
सोरघाटी से चैतोल की तस्वीरें
बीते दो दिन सोरघाटी के 22 गावों में चैतोल का आयोजन हुआ. चैतोल में सोरघाटी के प्रमुख लोकदेवता देवलसमेत महाराज अपनी बहिनों, माता भगवती के अनेक रुपों को भिटौली देने बाईस गांवों का भ्रमण करते है... Read more


























