ऋग्वेद के शम्बर प्रसंग के अनुसार बाणासुर हिमालय में रहने वाले एक असुर थे. वायुपुराण में शतश्रृंग पर्व पर असुरों के 100 पुरों (किलों) का उल्लेख मिलता है. रामायण, महाभारत और अन्य पुराणों के कई... Read more
रामगंगा और सरयू के बीच बसा गंगोलीहाट
समुद्रतल से लगभग 1,760 किमी की ऊंचाई पर स्थित गंगोलीहाट का नाम तो सभी ने सुना होगा. रामगंगा और सरयू के बीच में बसे गंगोलीहाट का नाम ही इन दो नदियों के कारण गंगोलीहाट है. सरयू और रामगंगा के ब... Read more
व्यापारिक, धार्मिक और सामरिक महत्व का शहर टनकपुर
उत्तराखण्ड के कुमाऊँ मंडल की मंडी है टनकपुर, चम्पावत और पिथौरागढ़ का प्रवेशद्वार. शारदा नदी के तट पर बसा टनकपुर कभी एक छोटा सा गाँव हुआ करता था जो अपनी भूराजनीतिक स्थिति की वजह से एक बड़ी मंडी... Read more
गुड क्या होता है गुड फ्राइडे में!
बाइबिल के अनुसार भगवान के पुत्र यानी ईसा मसीह को कोड़ों के पीटने के बाद उनसे वह सूली लाद कर ले जाए जाने को कहा गया था जिस पर उन्हें चढ़ाया जाना था. जिस दिन यह घटना घटी थी उसे गुड फ्राइडे (Good... Read more
गोविन्द राम काला की दुर्लभ पुस्तक ‘मेमोयर्स ऑफ़ द राज’ बीसवीं शताब्दी के शुरुआती सालों के पहाड़ों के सामाजिक जीवन, भारत के स्वतंत्रता संग्राम और अंग्रेजों की कार्यशैली का जरुरी महत्वपूर्ण दस्त... Read more
डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा बौद्ध धर्म की दीक्षा के मौके पर ली गयी 22 प्रतिज्ञाएँ
डॉ. भीमराव आंबेडकर ने 15 अक्टूबर 1956 को अपने अनुयायियों के साथ हिन्दू धर्म का परित्याग कर बौद्ध धर्म की दीक्षा ली. इस मौके पर उन्होंने सभी के लिए 22 प्रतिज्ञाएँ भी निर्धारित कीं. ये प्रसिद्... Read more
बैजनाथ: कत्यूरी शासकों की राजधानी
धार्मिक व पौराणिक महत्व उत्तराखण्ड के कुमाऊँ मंडल के बागेश्वर जिले में है बैजनाथ. लोकप्रिय पर्यटन स्थल कौसानी से इसकी दूरी 18 किमी की है. बैजनाथ पौराणिक गारुड़ी और गोमती नदी के संगम स्थल पर ब... Read more
अल्मोड़े के नन्दा देवी मंदिर से छेड़छाड़ करने पर अंधा होता होता बचा था अंग्रेज कमिश्नर
अल्मोड़ा के नन्दा देवी मंदिर को लेकर कुमाऊनी के आदि कवि गुमानी पन्त ने एक जगह लिखा है: विष्णु का देवाल उखाड़ा ऊपर बंगला बना खरा महाराज का महल ढवाया बेढ़ीखाना तहां धरा मल्ले महल उड़ाई नंदा बंग... Read more
आजाद भारत के पहले आम चुनाव की ख़ास बातें
1-वर्ष 1950 में भारत आजाद गणतंत्र बना. जवाहर लाल नेहरू गणतांत्रिक भारत के पहले प्रधानमन्त्री अवश्य बने लेकिन अभी उन्हें जनता ने नहीं चुना था. 2-भारत के गणतंत्र को लोकतंत्र बनाने के लिए देश आ... Read more
बीती नौ अप्रैल को महापंडित राहुल सांकृत्यायन का एक सौ पच्चीसवां जन्मदिन मनाया गया था. इस मौके को याद रखते हुए हम आपको उनकी लिखी कुछ चुनी हुई रचनाओं से परिचित करवाने जा रहे हैं. इस क्रम में आ... Read more


























