महाभारत पढ़ने का सही तरीका
पुराने लोग कहते थे, घर में महाभारत नहीं रखनी चाहिए. जिस घर में रहेगी, उसी घर में महाभारत शुरू हो जाएगी. वे बच्चों को महाभारत पढ़ने से रोकते थे, टोकते थे.(Mahabharata Lalit Mohan Rayal) जानका... Read more
बयालीस साल पहले इसी हफ्ते रिलीज हुई थी ‘डॉन’
वर्ष 1978 का साल, एक महीने में अमिताभ बच्चन की पाँच फिल्में रिलीज हुईं, जिनमें से तीन डॉन, त्रिशूल और मुकद्दर का सिकंदर सुपरहिट साबित हुईं. अब डॉन की थोड़ी सी चर्चा: Don Movie Memoir Lalit M... Read more
मूल रूप से रोमांटिक लीड वाले अभिनेता थे ऋषि कपूर
हिंदी सिनेमा के पहले शोमैन राज कपूर सिनेमा में नए प्रयोगों के लिए जाने जाते थे. कहते हैं कि आर्ची कार्टून के एक संवाद से उन्होंने फिल्मों के लिए एक नया विषय चुना. कार्टून मैगजीन के उस संवाद... Read more
सिने-अभिनेता इरफान नहीं रहे. विगत दो बरसों से वे लाइलाज बीमारी से जूझ रहे थे. इरफान को सहज अभिनेता होने का श्रेय जाता है. एक खास तरह की संवाद अदायगी और अदाकारी से उन्होंने दर्शकों में अपनी... Read more
उत्तरायण होते ही बच्चे मांझा सूतना शुरू कर देते
सदियों से इंसान के मन में मुक्त नीले आकाश में उड़ने की चाह बनी रही. पतंगबाजी ने उसकी इस उदात्त इच्छा को पूरा किया. (Patangbaji Column By Lalit Mohan Rayal) किसी दौर में पेंच लड़ाना नवाबी शौक... Read more
ताऊ जी का व्यक्तित्व इलाके में किंवदंती था
कुछ लोग बड़े करिश्माई व्यक्तित्व के होते हैं. जटिल से जटिल परिस्थिति में भी सटीक समाधान देते हैं. समाज से उनका सीधा संपर्क बना रहता है, जिसके चलते वे छोटी-छोटी बातों में भी दूर की कौड़ी ढ़ूँ... Read more
कोई लौटा दे मेरे बीते हुए दिन @ ओल्ड इज गोल्ड.
दूरदर्शन के जमाने के दर्शक पुराना जिक्र छिड़ते ही, यकायक अतीत-मोह से घिर आते हैं. एकदम भावुक से हो उठते हैं. अपने पक्ष-समर्थन में इस दावे पर उतर आते हैं- अस्सी-नब्बे के दशक की पीढ़ी, सबसे खु... Read more
कल मेरा एनिमल डे है और बेटे का एनुअल डे
जन्मदिन से पहले दिन का वाकया कल (चौदह दिसंबर) नचिकेता (मेरे छोटे बेटे) का ऐनुअल डे है और मेरा जन्मदिन. कई दिनों से उत्साहित है. स्कूल जाते हुए उसे अभी छह महीने हुए हैं. इसलिए शायद ओवरएक्साइट... Read more
हमारा समाज कई तरह की विचित्रताओं से भरा पड़ा है. देखकर बड़ा ताज्जुब होता है. कुछ लोग आमतौर पर बड़े शिष्ट और शालीन होते हैं. अत्यंत मितभाषी. लेकिन बस एक बार उन्होंने ‘एंजॉय’ कर ल... Read more
उस बरस चुनाव का मौसम जोरों पर आया. चुनाव-कार्यक्रम आने में देर थी, लेकिन उठा-पटक, उखाड़-पछाड़ का दौर काफी पहले से ही शुरू हो गया. (Elections Satire Lalit Mohan Rayal) हर कोई, बस इसी फिराक मे... Read more


























