ठुमक चलत रामचंद्र बाजत पैंजनियां
हे राम! तुम्हारी धरती पर कोहराम मचा है. फिर किसी नगर, किसी शहर में मातृत्व से वंचिता स्त्री को अपनी माँ होने के गौरव से भर दो. फिर आओ…फिर जल्दी आओ. नये कथानक के साथ आओ .हे राम! तुम्हार... Read more
उत्तराखण्ड के अणवाल
अणवाल उत्तराखण्ड के कुमाऊँ मंडल के पिथौरागढ़ जिले की धारचूला तहसील की मल्ला-तल्ला दारमा, व्यांस और चौदांस घाटियों के शौका गांवो के ही रहने वाले हैं. अणवाल भी आर्थिक व् सामाजिक रूप से शौका जन... Read more
रुद्रप्रयाग जिले के केदारखंड में मां मंदाकिनी के तट पर स्थित सिद्धपीठ कालीमठ मंदिर में कुछ समय पूर्व तक मन्नतें पूरी होने पर लोग बड़ी संख्या में जानवरों की बलि देते थे. जिसमें बकरी और भैंसा... Read more
21वीं सदी को भले ही हम तरक्की और विज्ञान का युग कहते हों, लेकिन ज़मीनीं हक़ीक़त यही है कि आज भी समाज में अमीरी-गरीबी, ऊंच-नीच, शहरी-ग्रामीण और यहां तक कि महिला और पुरुष के बीच भी गहरा भेदभाव... Read more
अयोध्या का प्रश्न विधानसभा में 31 अगस्त, 1950 में उठा. इसमें मुख्य मुद्दे ज़िले का सांप्रदायिक वातावरण, 6 सितंबर 1950 को अक्षय ब्रह्मचारी का प्रस्तावित अनशन तथा 14 सितंबर, 1950 को अयोध्या मे... Read more
‘यात्रिक’ 1952 की एक फिल्म है. न्यू थियेटर ग्रुप द्वारा बनाई गयी इस फिल्म को हिन्दी सिनेमा की शुरुआती विवादित फिल्मों में माना जाता है. इस फिल्म का भारत भर में विरोध किये जाने के कारण यह पूर... Read more
उत्तराखण्ड की लक्ष्मी रावत बनीं ‘श्रीराम सेंटर फॉर परफार्मिंग आर्ट’ की वर्कशाप डायरेक्टर
उत्तराखण्ड मूल की थियेटर आर्टिस्ट लक्ष्मी रावत देश के बड़े थियेटर ग्रुपों में शुमार ‘श्रीराम सेंटर फॉर परफार्मिंग आर्ट’ की नयी वर्कशाप डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त की गयी हैं. अपनी नयी भूमिका... Read more
उम्मीद जगाती है पहाड़ की बेटियों की यह होली
साल 2019 में पहाड़ के बच्चों का फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते हुये वीडियो वायरल हुआ. ख़ोज ख़बर करने पर मिला की वीडियो विजयपुर इंटर कॉलेज के बच्चों का है. यहां के अध्यापक संतोष जोशी की मेहनत का क... Read more
चम्पावत जिले का अधिकांश भाग ‘काली कुमाऊं’ के नाम से जाना जाता है. बिशुंग गांव इसी काली कुमाऊं का एक ऐतिहासिक गांव है. बिशुंग गांव के लोग अपने शौर्य और पराक्रम के लिये दुनिया भर में जाने जाते... Read more
प्रथम विश्व युद्ध का समय था. गढ़वाल रायफल्स की एक टुकड़ी को अफगानिस्तान में विद्रोह दबाने को भेजा गया इससे पहले ब्रिटिश सेना के 1700 सिपाही मारे गये थे. अब बारी थी गढ़वाल रायफल्स के सैनिकों... Read more

























