विनय कुमार देहरादून में रहते हैं. विनय उत्तराखण्ड सरकार की प्रशासनिक सेवा के पहले बैच के अधिकारियों में से हैं. 2005 से ही कृषि विभाग के अधिकारी के रूप में सेवाएँ दे रहे विनय कुमार की शुरूआत... Read more
रं समाज में विवाह पद्धतियां
रं समाज में मुख्यतः एकल विवाह ही होता है, परन्तु कभी-कभी बच्चे नहीं होने की दशा में या पत्नी की मृत्यु हो जाने पर दूसरी शादी भी कर लेते हैं. रं समाज से अभी भी अन्तर्विवाह को ही ज्यादा महत्ता... Read more
रौंकली पहलवान की दादागिरी के किस्से
पुराने जमाने में हमारे दादा-दादी (लला-त्यित्यि) व माता-पिताजी कहानियां सुनाया करते थे. ये कहानियां काल्पनिक न होकर सच्ची घटनाओं पर आधारित हुआ करती थीं जिसे सुनकर श्रोतागण दांतों तले ऊंगली दब... Read more
उत्तराखंड के सबसे गरीब गांव से तस्वीरें
वनराजी, वनरौत या वनरावत उत्तराखंड की एक जनजाति है. वनराजी उत्तराखंड के दो जिलों पिथौरागढ़ और चम्पावत में रहते हैं. पिथौरागढ़ की दो तहसीलों धारचूला और डीडीहाट में वनराजी रहते हैं. धारचूला व डीड... Read more
अस्कोट में आज भी मौजूद है पाल शासकों का महल
उत्तराखण्ड के शासकों में से ही रहे हैं पाल शासक. पाल वंश उत्तराखण्ड की कत्यूरी वंश परंपरा की ही एक शाखा को कहा जाता है. पाल वंश की स्थापना के विषय में माना जाता है कि कत्यूरी शासन अपने विघटन... Read more
गढ़वाल के मन्दिरों का स्थापत्य
बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री आदि जैसे प्रख्यात तीर्थों की भूमि गढ़वाल में स्थान स्थान पर अनेकों प्राचीन मंदिर विद्यमान हैं जो न केवल धार्मिक अपितु पुरातात्विक दृष्टि से भी महत्वपू... Read more
पाताल भुवनेश्वर : रहस्यों से भरी एक पवित्र गुफा
पिथौरागढ़ जिले में स्थित गंगोलीहाट तहसील के मुख्यालय से 16 किमी की दूरी पर स्थित है पाताल भुवनेश्वर. गंगोलीहाट तहसील के भुवनेश्वर गांव में समुद्र तल से 1350 मी. की ऊंचाई पर स्थित पाताल भुवनेश... Read more
ऋग्वेद के शम्बर प्रसंग के अनुसार बाणासुर हिमालय में रहने वाले एक असुर थे. वायुपुराण में शतश्रृंग पर्व पर असुरों के 100 पुरों (किलों) का उल्लेख मिलता है. रामायण, महाभारत और अन्य पुराणों के कई... Read more
उत्तराखंड के पहाड़ों में रहने में रहने वाली महिलाओं का जीवन हमेशा संघर्षों से भरा हुआ रहा है. उनके जीवन का संघर्ष और उनके व्यक्तित्व की सरलता उनके खान-पान तक में देखी जा सकती है. पहाड़ियों के... Read more
थल: सांस्कृतिक व व्यापारिक महत्व का पहाड़ी क़स्बा
उत्तराखण्ड के कुमाऊँ मंडल का सीमान्त क़स्बा है थल. यह रामगंगा के दोनों तटों पर आमने-सामने बसा है. यह पिथौरागढ़ जिले के प्राचीन कस्बों में से एक है. 1962 तक थल अल्मोड़ा जिले का विकासखण्ड हुआ करत... Read more

























