टिहरी में दलित युवक की हत्या अपवाद नहीं है
उत्तराखण्ड के टिहरी गढ़वाल ज़िले के श्रीकोट गाँव में 26 अप्रैल को एक शादी थी. पास के बासान गाँव से कुछ लोग अपनी रिश्तेदारी के नाते श्रीकोट शादी में शामिल होने के लिए आये. उनमें से एक था 21 साल... Read more
रामगढ़ में रवीन्द्रनाथ टैगोर के जन्मोत्सव की धूम
शान्तिनिकेतन ट्रस्ट ऑफ हिमालया द्वारा रामगढ़ (नैनीताल) में गुरुदेव रविन्द्रनाथ टैगोर का पावन जन्मोत्सव आयोजन किया गया. गुरुदेव के जन्म दिवस के शुभ अवसर पर गुरुदेव की प्रेरणा से आरंभ किये गये... Read more
उत्तराखण्ड के चेहरे विनय कुमार के कैमरे से
देहरादून में रहने वाले विनय कुमार उत्तराखण्ड सरकार की प्रशासनिक सेवा के पहले बैच के अधिकारियों में हैं. हाल-फिलहाल कृषि विभाग के अधिकारी के रूप में सेवाएँ दे रहे विनय कुमार द्वारा फोकस किये... Read more
महान कवि, कहानीकार, उपन्यासकार, गायक, गीतकार, संगीतकार, चित्रकार, प्रकृतिप्रेमी, पर्यावरणविद और मानवतावादी रवीन्द्रनाथ टैगोर पहले एशियाई व्यक्ति थे जिन्हें साहित्य का प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्क... Read more
डीडीहाट में सीराकोट का किला
सीराकोट का किला उत्तराखण्ड के कुमाऊँ मंडल के पिथौरागढ़ जिले के डीडीहाट में है. सीराकोट का किला 800 मीटर ऊंची पहाड़ी पर बना है. इस किले का निर्माण मल्ल राजाओं द्वारा किया गया बताया जाता है. किल... Read more
भारत में पहली ट्रेन रुड़की से पिरान कलियर के बीच मिट्टी ढोने के लिये चली
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अल्मोड़े में कुछ मीठा हो जाए
किसी भी शहर की बाहरी सीमा पर ही अगर मिठाई की दुकानें हों तो शहर की तासीर का अंदाजा लगाने में शायद ही कोई परेशानी होगी. अल्मोड़ा के साथ कुछ इसी टाइप का वाकया पेश आता है. करबला में पुलिस की बै... Read more
उत्तराखंड में एक से एक सुन्दर प्राचीन मंदिर हैं जिनका सदियों पुराना स्थापत्य आज भी चमत्कृत करता है. ऐसा ही एक मंदिर समूह अल्मोड़ा जिले के एक छोटे से गाँव नारायण देवल में है. “अल्मोड़ा जिले के... Read more
कुमाऊँ के मध्यकालीन शासकों में चंद्रवंशी राजा रुद्रचन्द ख़ास महत्त्व रखते हैं. रुद्रचन्द स्वयं विद्वान थे और विद्वानों का आदर भी किया करते थे. वे एक बेहतरीन कवि और नाटककार थे. वे संस्कृत के न... Read more
तीदांग के चार राठ, चार सौ मवासों की कहानी
ह्या छूङ की कृपा से तीदांग की दल-दल भूमि सूख कर हरे-भरे घास के मैदान में परिवर्तित हो चुकी थीं. एक समय ऐसा आया कि ग्राम सीपू दाङा खर्सा से एक बैल व नागलिंङ, बालिङ से एक बैल चरते-चरते तीदांग... Read more

























